बिहार में 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण होने जा रहा है, जिसमें नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह गांधी मैदान में होगा, जहां प्रधानमंत्री सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। 19 नवंबर को मौजूदा कैबिनेट इस्तीफा देगी और विधानसभा भंग होगी, जिसके बाद नई सरकार के गठन का मार्ग साफ होगा।
शपथ ग्रहण की पूरी तैयारी शुरू
गांधी मैदान में 20 नवंबर को आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जारी हैं। प्रधानमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर 17 से 20 नवंबर तक मैदान में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत 500 से अधिक जवान तैनात होंगे।
मौजूदा कैबिनेट का इस्तीफा और विधानसभा भंग
नीतीश सरकार ने अंतिम कैबिनेट बैठक में 19 नवंबर को विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक पत्र सौंप दिया है। इसके साथ ही 20 नवंबर को नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी और नीतीश कुमार नए कार्यकाल के लिए शपथ लेंगे।
नई कैबिनेट का स्वरूप क्या होगा?
नई कैबिनेट में 35-36 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। इसमें भाजपा के 16, जदयू के 15, लोजपा (आर) के 3 और हम व रालोमो से एक-एक मंत्री बनाए जाने की तैयारी चल रही है। विधायक दल की बैठक में सभी दल अपने-अपने नेता चुनेंगे और एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश को नेता घोषित किया जाएगा।
सरकार गठन को लेकर दिल्ली-पटना में मंथन
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की बैठक में सरकार के स्वरूप और कैबिनेट गठन पर चर्चा हुई। दूसरी ओर पटना में भी बीजेपी, लोजपा (आर), हम और रालोमो के नेताओं ने नीतीश से मिलकर समर्थन की रणनीति तय की। नतीजों के बाद से मुख्यमंत्री आवास पर लगातार राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।
एनडीए की प्रचंड जीत के बाद तेजी से आगे बढ़ी प्रक्रिया
बिहार चुनाव में एनडीए को 202 सीटों के साथ भारी जीत मिली, जबकि महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। इस परिणाम ने सरकार गठन की प्रक्रिया को तेज कर दिया। चुनाव आयोग ने आचार संहिता हटाने की घोषणा की, जिससे सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।