बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के भीतर कई बड़े नेताओं के नाम संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर चर्चा में हैं। राजनीतिक गलियारों में सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, डॉ. संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल और जनक राम को इस दौड़ का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
नीतीश के राज्यसभा जाने से बदले सियासी समीकरण
जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं। माना जा रहा है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय रूप से राज्य की राजनीति से अलग होते हैं, तो बीजेपी को बिहार में अपना मुख्यमंत्री चुनने का मौका मिल सकता है। इसी संभावना के चलते बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों के रूप में सामने आने लगे हैं।
सम्राट चौधरी मजबूत दावेदार माने जा रहे
वर्तमान में बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वे बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ है। कोइरी समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी जातीय समीकरण के लिहाज से भी अहम माने जाते हैं। हालांकि उनका पहले आरजेडी और जेडीयू से जुड़ा राजनीतिक अतीत उनके लिए चुनौती भी बन सकता है।
नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता है। यादव समुदाय से आने के कारण वे बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण सामाजिक समीकरण को साधने की क्षमता रखते हैं। माना जा रहा है कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है तो इससे यादव वोट बैंक में भी राजनीतिक संदेश जा सकता है।
संजय और दिलीप जायसवाल भी संभावित चेहरे
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम चंपारण से सांसद डॉ. संजय जायसवाल का नाम भी मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों में शामिल है। वे पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी चर्चा में है। वैश्य समुदाय से आने वाले दिलीप जायसवाल को संगठनात्मक रूप से मजबूत और भरोसेमंद नेता माना जाता है।
जनक राम दलित चेहरे के रूप में विकल्प
बीजेपी के वरिष्ठ नेता जनक राम को बिहार में पार्टी का एक मजबूत दलित चेहरा माना जाता है। वे राज्य सरकार में खनन और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे विधान परिषद के सदस्य हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ बताई जाती है। रविदास समुदाय से आने वाले जनक राम का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सामाजिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।