विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही दिन घरेलू क्रिकेट का चेहरा बदल गया। रांची के जेएससीए ओवल ग्राउंड पर बिहार ने वो कर दिखाया, जो आज तक कोई भी टीम नहीं कर पाई थी। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ बिहार ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 574 रन बना डाले। यह लिस्ट ए क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। हैरानी की बात यह रही कि यह मैच न रोहित शर्मा की टीम खेल रही थी, न विराट कोहली की, लेकिन फिर भी पूरी क्रिकेट दुनिया की नजरें बिहार पर टिक गईं।
वैभव सूर्यवंशी का तूफानी आगाज़
इस ऐतिहासिक स्कोर की नींव रखी सिर्फ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने। उम्र में छोटे, लेकिन हौसलों में बड़े वैभव ने 84 गेंदों पर 190 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 16 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। हर ओवर में चौके-छक्कों की बरसात होती रही और स्टेडियम में शोर बढ़ता चला गया। वैभव ने साफ दिखा दिया कि बिहार की मिट्टी में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि भविष्य के तूफान का ट्रेलर था।
कप्तान सकीबुल गनी की दहाड़
वैभव के बाद आयुष आनंद लोहारुका ने 56 गेंदों पर 116 रन बनाकर रफ्तार बनाए रखी, लेकिन असली भूकंप तब आया जब क्रीज पर बिहार के कप्तान सकीबुल गनी उतरे। गनी ने सिर्फ 32 गेंदों में शतक ठोक दिया और लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 40 गेंदों पर नाबाद 128 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 12 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 320 का रहा। यह पारी कप्तानी की वो दहाड़ थी, जिसने गेंदबाजों का हौसला तोड़ दिया।
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रिकॉर्ड नहीं, बिहार की पहचान
574 रन का यह स्कोर सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बिहार के आत्मसम्मान की कहानी है। इससे पहले तमिलनाडु का 506 रन का रिकॉर्ड सबसे ऊपर था, जिसे बिहार ने पीछे छोड़ दिया। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक हर जगह बिहार की चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है। बिहार ने साफ संदेश दे दिया है कि अब घरेलू क्रिकेट की तस्वीर बदलने वाली है। जो टीम कभी नजरअंदाज की जाती थी, आज वही टीम विश्व क्रिकेट में सबसे ऊंचे मंच पर खड़ी नजर आ रही है।