मध्य प्रदेश में रह रहे बिहार के वोटरों के लिए खुशखबरी है। अगर आपका नाम गलती से बिहार की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है और किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में भी दर्ज नहीं है, तो अब आपको दोबारा अपना नाम जोड़ने का मौका मिला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्वाचन आयोग ने यह नई व्यवस्था लागू की है। आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के जरिए वैध मतदाता अब अपना नाम फिर से शामिल करा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लागू व्यवस्था
14 अगस्त 2025 को आए एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि जिन वैध मतदाताओं के नाम 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटा दिए गए हैं, उन्हें नाम जोड़ने का अवसर दिया जाए।
कैसे जोड़ सकते हैं नाम
यदि किसी मतदाता को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटा दिया गया है, तो वह आधार कार्ड की प्रति और दावा फॉर्म जमा करके निर्वाचन आयोग में आवेदन कर सकता है। जांच के बाद सही पाए जाने पर उनका नाम दोबारा सूची में जोड़ दिया जाएगा।
एमपी में रह रहे बिहारी वोटरों को फायदा
मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रोज़गार और शिक्षा के लिए रहते हैं। ऐसे लोगों को पहले वोट डालने के लिए बिहार जाना पड़ता था। अब अगर उनका नाम बिहार की सूची से हट गया है तो वे फिर से जुड़वाकर अपने क्षेत्र में मतदान का अधिकार पा सकेंगे।
ऑनलाइन जांच की सुविधा
बिहार की वोटर लिस्ट 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित हुई है। मतदाता इसे बिहार निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं और आवश्यकता होने पर आवेदन कर सकते हैं।