मध्य प्रदेश के Neemuch जिले के Javad में हर साल रंग पंचमी से एक अनोखा धार्मिक आयोजन शुरू होता है। यहां कुंवारों के देवता के रूप में प्रसिद्ध Billam Bavji का दरबार नौ दिनों तक लगता है। मान्यता है कि यहां पान और नारियल चढ़ाकर मन्नत मांगने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जल्द ही योग्य जीवनसाथी मिलने का योग बनता है।
रंग पंचमी से शुरू होता है नौ दिनों का दरबार
नीमच जिले के जावद में हर साल रंग पंचमी के दिन बिल्लम बावजी का विशेष दरबार लगाया जाता है, जो रंग तेरस तक चलता है। इन नौ दिनों के दौरान बड़ी संख्या में अविवाहित युवक-युवतियां और उनके परिवारजन यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं और हर कोई अपनी शादी की मनोकामना लेकर बावजी के दरबार में अर्जी लगाता है।
पान और नारियल अर्पित कर लगाई जाती है अर्जी
यहां की परंपरा के अनुसार श्रद्धालु बिल्लम बावजी को पान और नारियल अर्पित कर अपनी मनोकामना व्यक्त करते हैं। मान्यता है कि इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस युवक या युवती के विवाह के लिए अर्जी लगाई जाती है, उसे चढ़ाया गया पान प्रसाद के रूप में खाना होता है। इसके बाद जल्द ही अच्छे रिश्ते आने लगते हैं और विवाह तय होने की संभावना बढ़ जाती है।
कुएं की सफाई में मिली थी बावजी की प्रतिमा
स्थानीय मान्यता के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले गणेश मंदिर की कुई की सफाई के दौरान बिल्लम बावजी की प्रतिमा मिली थी। इसके बाद इस प्रतिमा को कुई के थारे पर स्थापित कर पूजा शुरू की गई। धीरे-धीरे इस स्थान की ख्याति दूर-दूर तक फैलने लगी और लोगों ने यहां आकर अपनी मनोकामनाएं मांगना शुरू कर दिया।
देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
समय के साथ यह अनोखा दरबार लोगों की गहरी आस्था का केंद्र बन गया है। हर साल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों युवक-युवतियां यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु विश्वास के साथ बावजी के दरबार में माथा टेकते हैं और जीवनसाथी मिलने की कामना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई भक्तों की मनोकामना पूरी होने के उदाहरण भी सामने आए हैं, जिससे इस परंपरा की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।