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Facts : जब हम सोने की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में खदानों की तस्वीर उभरती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी धरती के समुद्रों में भी भारी मात्रा में सोना छिपा हुआ है? यह सुनकर आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन यह तथ्य वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है। सवाल यह है कि इस सोने को निकाला जा सकता है या नहीं? और अगर निकाला जाए, तो कितनी मात्रा में मिलेगा?
समंदर में कितना सोना है?
वैज्ञानिक अनुमानों के अनुसार, पूरी दुनिया के महासागरों में लगभग 2 करोड़ टन (20 million tonnes) सोना घुला हुआ है. यह सोना समुद्री जल में अति-सूक्ष्म रूप (ultra-trace) में मौजूद है. यानी हर एक लीटर समुद्री पानी में लगभग 13 अरबवाँ हिस्सा ग्राम (13 billionths of a gram) सोना पाया जाता है. हालाँकि यह सुनने में बहुत कम लगता है, लेकिन जब हम पूरे समुद्र के पानी को देखें. जिसकी मात्रा लगभग 1.332 अरब घन किलोमीटर (cubic kilometers) है, तो यह आंकड़ा करोड़ों टन तक पहुँच जाता है.
लेकिन क्या इसे निकाला जा सकता है?
तकनीकी रूप से देखा जाए तो समुद्र से सोना निकालना संभव है, लेकिन आज की तकनीक और लागत के अनुसार यह व्यावहारिक नहीं है. सोना समुद्र में इस कदर बारीक रूप में घुला होता है कि उसे अलग करना वर्तमान समय में बेहद महँगा और ऊर्जा-खपत वाला काम है. विभिन्न कंपनियों और वैज्ञानिक संस्थाओं ने इस पर प्रयोग किए हैं, लेकिन अभी तक कोई भी तरीका आर्थिक रूप से कारगर साबित नहीं हुआ है.
पहले भी हुई है कोशिश
20वीं शताब्दी की शुरुआत में ही कुछ वैज्ञानिकों ने समुद्री जल से सोना निकालने के प्रयोग किए थे. मशहूर वैज्ञानिक फ्रिट्ज़ हाबर (Fritz Haber) ने जर्मन सरकार के लिए ऐसा ही एक प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन लागत और परिणाम की तुलना में यह तकनीक टिक नहीं पाई.
अगर निकाला जाए, तो क्या होगा?
कल्पना कीजिए अगर समुद्र से यह सारा सोना निकाल लिया जाए, तो हर इंसान के हिस्से में लगभग 4 किलो सोना आ सकता है. लेकिन अर्थव्यवस्था के लिहाज़ से यह सोने की कीमत को गिरा देगा, और दुनिया की फाइनेंशियल मार्केट में भारी उथल-पुथल मच सकती है. समुद्र में सचमुच करोड़ों टन सोना छिपा है, लेकिन वह इतनी सूक्ष्म मात्रा में घुला हुआ है कि आज की तकनीक उसे निकालने में असमर्थ है। इसलिए यह खजाना अभी प्रकृति के पास सुरक्षित है.