मध्य प्रदेश की राजनीति में छिंदवाड़ा एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा और हर्रई इलाकों में करीब 500 कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और जीजीपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस मौके पर कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ की मौजूदगी ने इसे एक बड़े राजनीतिक संकेत में बदल दिया है। आदिवासी क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।
500 कार्यकर्ताओं ने थामी कांग्रेस की कमान
अमरवाड़ा और हर्रई क्षेत्रों से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इनमें अधिकांश कार्यकर्ता पहले बीजेपी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े हुए थे। इन कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान शासन में न तो क्षेत्रीय विकास हो रहा है और न ही आदिवासी इलाकों की सुध ली जा रही है। इसलिए उन्होंने कांग्रेस का साथ चुना।
कमलनाथ ने याद दिलाया विकास का इतिहास
कार्यकर्ताओं के स्वागत में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जब वे अमरवाड़ा आए थे, तब यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। आज घर-घर पानी पहुंच रहा है, यह कांग्रेस की नीति और नीयत का प्रमाण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि कांग्रेस हमेशा ज़मीन से जुड़ी रही है और आगे भी रहेगी।
BJP पर साधा निशाना
कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी समाज को बांटने की राजनीति कर रही है, जबकि कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सच्चाई और विकास के रास्ते पर चलें।
आदिवासी नेतृत्व की भी मजबूत मौजूदगी
कांग्रेस में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं के इस कार्यक्रम में अमरवाड़ा के आदिवासी नेता धीरेंद्र शाह भी मौजूद रहे। इस समर्थन से कांग्रेस को आदिवासी समुदाय में और मजबूती मिलने की संभावना है। नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में और भी नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।