BJP alliance with Congress: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब अकोट में भारतीय जनता पार्टी और AIMIM के बीच स्थानीय स्तर पर बना गठबंधन कुछ ही घंटों में टूट गया। यह गठबंधन सामने आते ही पार्टी की छवि और रणनीति पर सवाल उठने लगे। विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि कांग्रेस या AIMIM जैसी पार्टियों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीएम ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिना पार्टी की अनुमति के किया गया कोई भी गठबंधन अनुशासनहीनता माना जाएगा। फडणवीस ने न सिर्फ अकोट में AIMIM के साथ गठबंधन खत्म करने के निर्देश दिए, बल्कि अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ हुए स्थानीय समझौते को भी तुरंत समाप्त करने को कहा।
विधायक को किया नोटिस जारी
बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अकोट से पार्टी विधायक प्रकाश भारसाखले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि AIMIM के साथ गठबंधन कर पार्टी की छवि को नुकसान क्यों पहुंचाया गया। साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि जवाब संतोषजनक न होने पर आगे कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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अंबरनाथ का गठबंधन, बढ़ी अंदरूनी असहजता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सत्ता बनाई थी। वहां बीजेपी ने अपनी सहयोगी शिवसेना को दरकिनार करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार किया और परिषद अध्यक्ष का पद हासिल किया। इस फैसले को लेकर भी पार्टी के भीतर असहजता देखी गई।
अनुशासन और संदेश, पार्टी का सख्त रुख
कुल मिलाकर, यह मामला बीजेपी के लिए संगठनात्मक अनुशासन और राजनीतिक संदेश दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अब साफ संकेत दे चुका है कि वैचारिक विरोधियों के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।