मुंबई नगर निगम चुनाव के बाद अब बीएमसी को आखिरकार नया मेयर मिलने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद मेयर और डिप्टी मेयर के नाम लगभग तय हो चुके हैं और अब सिर्फ औपचारिकताएं बाकी हैं। इस बार इतिहास बनने जा रहा है, क्योंकि पहली बार बीजेपी का मेयर बीएमसी में चुना जाएगा। बीजेपी ने मेयर पद के लिए रीतू तावड़े के नाम पर सहमति बना ली है। जल्द ही वह औपचारिक रूप से नामांकन भरेंगी और इसके बाद उनके मेयर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ जश्न
मेयर के नाम के ऐलान से पहले ही बीएमसी परिसर में बीजेपी की हलचल तेज हो गई है। पार्टी के पार्षद बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। पहली बार बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है, इसे खास बनाने के लिए पार्टी कार्यालय में धार्मिक आयोजन किया गया। यहां 10 पंडितों को बुलाया गया, वेद मंत्रों का उच्चारण हुआ और शंखनाद किया गया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ पद नहीं, बल्कि एक नए दौर की शुरुआत है, इसलिए परंपरा और विश्वास के साथ आगे बढ़ा जा रहा है।
डिप्टी मेयर पद पर शिवसेना का नाम
महायुति के भीतर तालमेल के तहत डिप्टी मेयर पद शिवसेना शिंदे गुट को दिया गया है। इस पद के लिए संजय घाड़ी नामांकन भरेंगे। उनका कार्यकाल करीब सवा साल का रहेगा। दोनों दलों के बीच पहले से तय फार्मूले के अनुसार सत्ता का बंटवारा किया गया है, ताकि बीएमसी में बिना किसी विवाद के कामकाज आगे बढ़ सके। बीजेपी और शिवसेना दोनों ही इसे स्थिर और मजबूत प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं।
कौन हैं रीतू तावड़े
रीतू तावड़े घाटकोपर इलाके से लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। वह एक अनुभवी और जमीनी नेता मानी जाती हैं। इससे पहले वह बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं। फिलहाल वह महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी हैं। नागरिक मुद्दों पर उनकी पकड़ और स्थानीय स्तर पर सक्रियता के चलते पार्टी में उनका कद लगातार बढ़ा है। मराठा समुदाय से होने के बावजूद उन्होंने गुजराती बहुल इलाके में भी मजबूत पकड़ बनाई है।
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कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर
रीतू तावड़े ने 2012 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद से वह पार्टी की सीनियर कॉर्पोरेटर के रूप में उभरीं। 2012 में वार्ड नंबर 127, 2017 में वार्ड नंबर 121 और 2025 में वार्ड नंबर 132 से जीत दर्ज कर चुकी हैं। बीएमसी की एजुकेशन कमिटी की चेयरमैन रहते हुए उन्होंने कई अहम फैसले लिए, जिससे उनकी प्रशासनिक छवि मजबूत हुई।
2017 के बाद पहली बार मेयर चुनाव
बीएमसी के चुनाव 15 जनवरी 2026 को हुए थे, जिसमें बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट की महायुति को बहुमत मिला। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और लगभग 89 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। 227 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिए होती हैं और महायुति के पास यह आंकड़ा आराम से है। 2017 के बाद पहली बार मेयर का चुनाव हो रहा है। पिछले चार साल से बीएमसी में प्रशासक शासन था। इस बार मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है और लॉटरी में रीतू तावड़े का नाम चुना गया, जिसके साथ ही बीजेपी के लिए बीएमसी में नया इतिहास लिखने का रास्ता खुल गया।