भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है, लेकिन अब चर्चा इस ओर मुड़ गई है कि पार्टी इतिहास रचते हुए पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। संगठन के शीर्ष स्तर पर इसको लेकर मंथन तेज हो चुका है। महिला सशक्तिकरण और दक्षिण भारत में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के तहत निर्मला सीतारमण, डी. पुरंदेश्वरी और वनथी श्रीनिवासन जैसे नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहे हैं।
निर्मला सीतारमण: सबसे मजबूत दावेदार
मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही हैं। रक्षा और वित्त मंत्रालय जैसे अहम पदों पर अनुभव रखने वाली निर्मला का संगठन में भी लंबा योगदान रहा है। यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो इससे दक्षिण भारत में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो सकती है और महिला नेतृत्व को भी नया मुकाम मिलेगा।
डी. पुरंदेश्वरी: आंध्र की अनुभवी नेता
आंध्र प्रदेश की राजनीति में मजबूत पहचान रखने वाली डी. पुरंदेश्वरी बहुभाषी नेता हैं और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बखूबी निभा चुकी हैं। सांसद रहते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया है। दक्षिण भारत में उनकी छवि पार्टी को नई ऊर्जा दे सकती है।
वनथी श्रीनिवासन: महिला मोर्चा की मुखर आवाज
तमिलनाडु की विधायक वनथी श्रीनिवासन पार्टी के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रही हैं। संगठनात्मक मजबूती और महिला जुड़ाव में उनकी भूमिका अहम रही है। वे कानूनी विशेषज्ञ भी हैं और तमिलनाडु में पार्टी की जमीनी पकड़ बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
RSS की भी सहमति?
सूत्रों का कहना है कि महिला नेतृत्व को लेकर आरएसएस का रुख सकारात्मक है। पार्टी की महिला केंद्रित योजनाओं और मतदाता आधार को देखते हुए यह फैसला सामयिक और रणनीतिक माना जा रहा है।