BJP Focuses on Gen Z Voters: भारतीय जनता पार्टी ने Gen Z यानी युवा मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने युवाओं से संवाद और संपर्क मजबूत करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, हर्ष सांघवी और ओपी चौधरी समेत कुछ अन्य नेताओं को शामिल किया गया है। टीम जल्द ही युवाओं के बीच विशेष आउटरीच कार्यक्रम शुरू कर सकती है।
युवाओं के मुद्दों और अपेक्षाओं पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार नई टीम का मुख्य उद्देश्य Gen Z के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी प्राथमिकताओं को समझना होगा। पार्टी युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, तकनीक और अन्य सामाजिक मुद्दों को लेकर उनकी राय जानने के साथ अपनी नीतियों और विचारधारा के बारे में भी उन्हें जानकारी देने की योजना बना रही है। बीजेपी का प्रयास है कि युवा वर्ग के साथ पार्टी का संवाद केवल चुनावी दौर तक सीमित न रहे।
टीम में कई बड़े नेताओं को मिली जिम्मेदारी
युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए बनाई गई टीम में नितिन नवीन, स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, हर्ष सांघवी और ओपी चौधरी को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि इन नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का इस्तेमाल युवाओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाने में किया जाएगा। आने वाले दिनों में टीम के कार्यक्रमों और संपर्क अभियानों का स्वरूप सामने आ सकता है।
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नितिन नवीन ने नेशन फर्स्ट पर दिया जोर
बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में भी युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों से अधिक से अधिक युवा संपर्क कार्यक्रम चलाने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और संयम बनाए रखने तथा विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों के आधार पर देने की सलाह दी। उन्होंने पार्टी नेताओं से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ काम करने और संगठन की विचारधारा से जुड़े रहने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी भी बैठक में होंगे शामिल
बीजेपी की अंतिम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। बैठक में पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा राज्यों के संगठन मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। इसमें मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री पार्टी नेताओं को संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश दे सकते हैं।