योगी सरकार में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा नेतृत्व अब पूरी तरह उत्तर प्रदेश की तैयारियों में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक 10 मई से पहले प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। इसके बाद 15 मई तक संगठन में भी बड़े बदलाव होने की संभावना है। पिछले कई हफ्तों से दिल्ली और लखनऊ में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था, जिसमें आगामी 2027 चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की गई।
युवा चेहरों को मिल सकता मौका
सूत्रों का कहना है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ उम्रदराज मंत्रियों की जगह नए और युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व प्रदर्शन के आधार पर कई मंत्रियों के विभाग बदलने पर भी विचार कर रहा है। कुछ राज्यमंत्रियों को पदोन्नति देने की चर्चा भी तेज है। भाजपा की कोशिश आगामी चुनाव से पहले सरकार और संगठन दोनों में नई ऊर्जा लाने की है। यही वजह है कि कई नए चेहरों के नाम पर गंभीर मंथन किया गया है।
जातीय समीकरण पर रहेगा फोकस
भाजपा इस विस्तार में जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक ओबीसी और दलित समाज को इस बार ज्यादा प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं अगड़ी जातियों में ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से भी कुछ नेताओं को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी का मानना है कि 2027 के चुनाव में सामाजिक समीकरण सबसे बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार को पूरी तरह चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी
सूत्रों के अनुसार भाजपा अपने सहयोगी दलों को भी सरकार में भागीदारी देने की तैयारी में है। चर्चा है कि अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी के एक-एक विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। संबंधित दलों के प्रमुख अपने-अपने नाम तय करेंगे। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि सहयोगी दलों को सम्मान देकर चुनाव से पहले गठबंधन को और मजबूत किया जाए। इसी वजह से इन दलों को सरकार में प्रतिनिधित्व देने पर लगभग सहमति बन चुकी है।
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महिलाओं पर भी बड़ा दांव
इस बार महिला नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। खासकर दलित और ओबीसी समाज की महिला विधायकों के नाम पर गंभीर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि तीन से चार महिला विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं संगठन में भी नए प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों की सूची जल्द जारी होगी। भाजपा अब यूपी में चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुकी है और आने वाले दिनों में कई बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं।