यूपी के महोबा जिले में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान ही बीजेपी के भीतर का असंतोष खुलकर सामने आ गया। चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने समर्थकों के साथ जल आपूर्ति की समस्या को लेकर भड़क गए। गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से विधायक पहले से नाराज थे। जैसे ही मंत्री महोबा पहुंचे, विधायक और उनके समर्थकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए, जिससे कार्यक्रम का माहौल बिगड़ गया।
मंत्री के काफिले को रास्ते में रोका
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रामश्री महाविद्यालय के पास बीजेपी विधायक और करीब 100 ग्राम प्रधानों ने रोक लिया। जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली और गांवों में पानी की किल्लत को लेकर विधायक ने खुलकर विरोध जताया। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और मंत्री समर्थकों व विधायक समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। मौके पर नारेबाजी हुई और स्थिति कुछ देर के लिए बेकाबू हो गई।
पुलिस से झड़प, अफरातफरी का माहौल
विवाद बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान विधायक समर्थकों और पुलिस के बीच भी तीखी झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों का आरोप था कि महीनों से पानी की सप्लाई ठप है और सड़कों की हालत इतनी खराब है कि चलना मुश्किल हो गया है। विधायक ब्रजभूषण राजपूत का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए उन्हें मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा।
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डीएम ऑफिस पहुंचा मामला, बैठक में उठे सवाल
स्थिति को संभालने के लिए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह खुद विधायक को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां सभी ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की गई, जिसमें पानी की किल्लत और सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठा। विधायक ने साफ कहा कि गांवों में हालात बेहद खराब हैं और जनता परेशान है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बाद प्रशासन और राजनीति दोनों गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या इस टकराव के बाद जमीनी समस्याओं का हल निकलेगा या यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा।