मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भाजपा नेता और ठेकेदार ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मृत्यु से पहले पुलिस को दिए बयान में उन्होंने एक कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद पर सूदखोरी व लगातार प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
खंडवा शहर के लवकुश नगर सेक्टर-3 निवासी भाजपा नेता व ठेकेदार जितेन्द्र चौधरी उर्फ जीतू मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान दोपहर करीब सवा दो बजे उनकी मौत हो गई।
मृत्यु पूर्व दिए बयान में लगाए आरोप
अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को दिए गए बयान में जितेन्द्र चौधरी ने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच लगभग 50 लाख रुपये का लेन-देन था और बाजार में करीब एक करोड़ रुपये की उधारी चल रही थी। जितेन्द्र का दावा था कि उनसे 5 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा था और मकान बिकवाने की धमकी भी दी जा रही थी।
पारिवारिक तनाव की बातें भी आईं सामने
इस मामले में मृतक की बहन ने भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कर्ज के दबाव में जितेन्द्र आर्थिक रूप से टूट चुके थे और इस वजह से घर में तनाव बढ़ गया था। बहन के मुताबिक, जितेन्द्र की पत्नी उनसे दूरी बनाने लगी थीं, यहां तक कि वह बीते दो वर्षों से बहन के घर पर आकर भोजन कर रहे थे।
परिवार की स्थिति और पृष्ठभूमि
जितेन्द्र चौधरी के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा विनायक चौधरी सिविल इंजीनियर है, जबकि बेटी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है। परिवार का कहना है कि लगातार बढ़ते कर्ज और मानसिक दबाव ने जितेन्द्र को तोड़ दिया था, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
पुलिस जांच में जुटी, सियासी हलचल तेज
पुलिस ने मामले में बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। लेन-देन, ब्याज वसूली और कथित प्रताड़ना से जुड़े दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।