BJP leads in BMC elections: मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं के चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ। वोटिंग खत्म होते ही सामने आए एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। लगभग सभी सर्वे में बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की साझा रणनीति को अपेक्षित समर्थन नहीं मिलता नजर आ रहा है। अंतिम नतीजे 16 जनवरी को घोषित होंगे और मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू होगी।
बीजेपी सबसे आगे
विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक बीएमसी में बीजेपी और उसके सहयोगी बहुमत के करीब या उससे आगे नजर आ रहे हैं। 227 वार्डों वाली बीएमसी में सत्ता हासिल करने के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है। एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है और लंबे समय बाद बीएमसी की सत्ता में बदलाव संभव है।
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ठाकरे ब्रदर्स की रणनीति
इस चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस ने मराठी वोटों को एकजुट करने के लिए हाथ मिलाया था। हालांकि, सर्वे अनुमानों के अनुसार इस गठबंधन को बड़ा फायदा होता नहीं दिख रहा। दोनों दलों के संयुक्त मोर्चे को अपेक्षा से कम सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिससे उनकी रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस का अलग रास्ता
मुंबई में कांग्रेस ने इस बार महाविकास अघाड़ी से अलग होकर चुनाव लड़ा। उसने वंचित बहुजन आघाड़ी और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया। एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस और उसके सहयोगियों की स्थिति कमजोर बताई जा रही है और सीटों की संख्या सीमित रहने का अनुमान है।
नतीजों का इंतजार
अलग-अलग एग्जिट पोल यह संकेत दे रहे हैं कि बीएमसी में इस बार सत्ता परिवर्तन हो सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर 16 जनवरी को मतगणना के बाद ही साफ होगी। राजनीतिक दलों की नजर नतीजों पर टिकी है, क्योंकि बीएमसी का नियंत्रण महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद अहम माना जाता है।