बिहार चुनाव में सफलता के बाद बीजेपी ने अब पश्चिम बंगाल पर पूरा फोकस कर दिया है। पार्टी ने राज्य को पांच बड़े जोनों में बांटने के साथ बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की नई रणनीति बनाई है। छह राज्यों से 12 वरिष्ठ नेताओं की तैनाती करके पार्टी अगले पांच महीनों तक जमीन पर डेरा डालने वाली है। लक्ष्य साफ है—टीएमसी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में पैठ बनाना, वोट शेयर बढ़ाना और अगले विधानसभा चुनाव में निर्णायक बढ़त हासिल करना।
बंगाल के लिए बीजेपी ने लॉन्च किया ‘पांडव प्लान’
बीजेपी की नई रणनीति पांच जोनों पर आधारित है, जिसे पार्टी ‘पांडव प्लान’ नाम दे रही है। इस प्लान के तहत संगठन को बूथ स्तर पर इतना मजबूत किया जाएगा कि हर क्षेत्र में प्रत्यक्ष संपर्क अभियान तेज़ गति से चल सके। बिहार मॉडल की तरह ग्रामीण आधारित कार्यक्रम और वेलफेयर योजनाओं का सीधा प्रचार भी इस अभियान का हिस्सा होगा।
पांच प्रमुख जोन और जिम्मेदार नेताओं की तैनाती
पार्टी ने बंगाल को राढ़बंगा, हावड़ा–हुगली–मेदिनीपुर, उत्तर बंगाल, कोलकाता–दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जैसे पांच बड़े जोनों में विभाजित किया है। हर जोन में एक संगठन मंत्री और एक वरिष्ठ नेता तैनात किया गया है। यह टीमें बूथ प्रमुखों की बहाली, जनसंपर्क और क्षेत्रीय रणनीतियों पर लगातार काम करेंगी।
भूपेंद्र यादव को मिली केंद्रीय जिम्मेदारी
बीजेपी ने पूरे अभियान की कमान भूपेंद्र यादव को दी है, जो मुख्य चुनाव प्रभारी होंगे। उनके साथ बिप्लब कुमार देब सह-प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। ये दोनों नेता पांच महीने तक बंगाल में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों को दिशा देंगे और टीएमसी के प्रभाव वाले गढ़ों में चुनावी तैयारी का नेतृत्व करेंगे।
उत्तर बंगाल पर खास नजर, रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र
उत्तर बंगाल को पार्टी ने सबसे अहम जोन घोषित किया है। यह इलाका 54 विधानसभा सीटों और राज्य के लगभग 20–25% वोट शेयर को कवर करता है। सीमावर्ती जिलों की वजह से इसका राजनीतिक और रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है। बीजेपी का लक्ष्य है कि 2021 में मिले वोट शेयर को बढ़ाकर 44–45% तक पहुंचाया जाए।
पांच महीने का मेगा कैंपेन, पीएम और अमित शाह करेंगे शुरुआत
बीजेपी का यह मेगा अभियान नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक चलेगा। दिसंबर से बड़े स्तर पर जनसभाएं, रैलियां और संपर्क कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि इस दौरान 75% बूथ प्रमुखों की नियुक्ति पूरी हो जाए और वोट शेयर में 5–7% की वृद्धि हासिल हो।