महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। संसद में विधेयक को पर्याप्त समर्थन न मिलने के बाद अब यह मुद्दा सड़कों पर उतरता दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़े राजनीतिक अभियान की शुरुआत के संकेत मिले हैं, जहां सरकार और सत्ताधारी दल इसे जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी में हैं। इस घटनाक्रम ने सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।
सीएम का तीखा बयान
भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद में हुए घटनाक्रम को बेहद दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा यह विषय लोकतंत्र की गंभीर परीक्षा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा खड़ी की है और यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
‘नारी शक्ति वंदन’ रैली का ऐलान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महिला आरक्षण के समर्थन में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ पदयात्रा निकाली जाएगी। यह अभियान पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। जिला, नगर निगम और पंचायत स्तर तक प्रदर्शन आयोजित होंगे, जिनके जरिए विपक्ष के खिलाफ जनमत तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
विधानसभा के विशेष सत्र की योजना
सरकार इस मुद्दे को विधानसभा तक ले जाने की भी तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि एक दिन का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, जिसमें महिला आरक्षण पर चर्चा होगी और विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसे उन्होंने राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए राज्य स्तर पर स्पष्ट रुख अपनाने की बात कही।
विपक्ष पर आरोप और राजनीतिक घमासान
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने विपक्ष पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले समर्थन देने वाले दल अब पीछे हट गए हैं। साथ ही, उत्तर-दक्षिण सीटों के मुद्दे को भी बेवजह विवाद बताया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।