मध्य-प्रदेश के नर्मदापुरम ज़िले के पर्यटन नगर पचमढ़ी में भाजपा का तीन-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सांसदों और विधायकों को पार्टी अनुशासन, जन संपर्क और संगठनात्मक जवाबदेही पर कड़ा संदेश दिया। एक घंटे के खुले सत्र के बाद शाह ने चुनिंदा नेताओं से बंद कमरे में रणनीतिक चर्चा कर तत्काल भोपाल रवाना हुए।
पचमढ़ी में तीन-दिवसीय शिविर का आगाज़
भाजपा नेतृत्व ने 14 जून की सुबह से 16 जून तक चलने वाले इस शिविर को आगामी विधानसभा उप-चुनाव और 2026 लोकसभा तैयारी का ‘मास्टर-क्लास’ बताया। पहले दिन के सत्र में संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और सामाजिक-मीडिया अनुशासन पर प्रेजेंटेशन दिए गए।
‘अनुशासन ही पहचान’—सांसद-विधायकों को मिला होमवर्क
अमित शाह ने संबोधन में दो टूक कहा कि व्यक्तिगत वक्तव्यों से पैदा हुआ विवाद सीधे पार्टी छवि को चोट पहुँचाता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को 30 दिन में अपने क्षेत्र के 100 प्रभावी नागरिकों से संवाद की ‘रिपोर्ट-कार्ड’ तैयार कर राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपने का निर्देश दिया।
बंद कमरे में गुप्त मंथन और रणनीति
खुले सत्र के बाद शाह ने मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व चुनिंदा मंत्रियों के साथ क्लोज-डोर बैठक की। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा सीट-वार प्रदर्शन समीक्षा, सोशल इंजीनियरिंग और धर्मांतरण-रोधी कानून की आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। मीडिया कवरेज से यह बैठक पूरी तरह दूर रखी गई।
विवादित बयान वाले मंत्री विजय शाह भी उपस्थित, रखी चुप्पी
कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी कर सुर्खियों में आए वन मंत्री विजय शाह लंबे समय बाद किसी बड़े पार्टी कार्यक्रम में दिखाई दिए। आम तौर पर सख़्त बयानबाज़ी के लिए मशहूर विजय शाह ने इस बार मीडिया से दूरी बनाए रखी और पूरे सत्र में संयमित रहे।