BJP UP Election 2027 : भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सात प्रमुख मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने और 2027 की तैयारियों को तेज करने की चर्चा शुरू हो गई है। खास तौर पर उत्तर प्रदेश से आने वाले नेताओं को मिली जिम्मेदारियों पर राजनीतिक गलियारों की नजर है।
हरीश द्विवेदी को मिला बड़ा दायित्व
बस्ती से सांसद रहे हरीश द्विवेदी को भाजपा युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। युवा मोर्चा को पार्टी का सबसे सक्रिय संगठनात्मक मंच माना जाता है, ऐसे में यह जिम्मेदारी राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि युवाओं के बीच संगठन को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा।
महिला और किसान मोर्चा पर भी फैसला
महिला मोर्चा की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी को सौंपी गई है। वहीं किसान मोर्चा का प्रभारी लाल सिंह आर्या को बनाया गया है। भाजपा ग्रामीण और महिला वोट बैंक को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, इसलिए इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
पार्टी ने एससी मोर्चा की जिम्मेदारी संजय भाटिया और ओबीसी मोर्चा का प्रभार वैजयंत पांडा को दिया है। वहीं एसटी मोर्चा के लिए राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को चुना गया है। राजनीतिक जानकार इसे विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संगठन को और सक्रिय बनाने की कवायद मान रहे हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चा पर भी नियुक्ति
अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी गजेंद्र पटेल को दी गई है। भाजपा लंबे समय से अल्पसंख्यक समुदायों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह नियुक्ति भी संगठनात्मक दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
2027 की तैयारी का संकेत?
इन नियुक्तियों को केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा ने युवा, महिला, किसान, ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वर्गों पर अलग-अलग फोकस करते हुए संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करने के मिशन में जुट गई है।