BJP West UP : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर मेरठ और सहारनपुर पहुंचे हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा पश्चिम यूपी की 71 विधानसभा सीटों पर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम है।
युवाओं पर खास फोकस
मेरठ में नितिन नवीन ने सुभारती यूनिवर्सिटी में करीब दो हजार छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम किया। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, महंगाई और नई तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बीजेपी की कोशिश है कि पहली बार वोट देने वाले युवाओं और जनरेशन-ज़ेड को सीधे पार्टी के साथ जोड़ा जाए। इसी वजह से युवा संवाद को दौरे का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
बूथ स्तर तक तैयारी
युवा कार्यक्रम के बाद बीजेपी ने संगठनात्मक मजबूती पर पूरा जोर लगाया। पश्चिम क्षेत्र के हजारों शक्ति केंद्र संयोजकों और पदाधिकारियों के साथ बैठकें की गईं। पार्टी नेतृत्व ने बूथ स्तर की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। संगठन को चुनाव से पहले पूरी तरह सक्रिय करने का संदेश भी दिया गया।
क्यों अहम हैं 71 सीटें?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटें हमेशा से सत्ता का रास्ता तय करने में अहम भूमिका निभाती रही हैं। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर और गाजियाबाद जैसे जिलों की सीटों पर सभी दलों की नजर रहती है। किसान आंदोलन, जातीय समीकरण और विपक्ष की सक्रियता के चलते यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
विपक्ष की बढ़ी सक्रियता
बीजेपी से पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल भी पश्चिमी यूपी में अपनी ताकत दिखा चुके हैं। पीडीए सम्मेलन, सामाजिक समरसता कार्यक्रम और अलग-अलग समुदायों को साधने की कोशिशों के बीच अब बीजेपी ने भी अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व लगातार फीडबैक लेकर स्थानीय समीकरणों को समझने में जुटा है।
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क्या है बीजेपी का प्लान?
नितिन नवीन, योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी की तिकड़ी का मकसद संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को रीचार्ज करना और युवाओं व किसानों के बीच पहुंच बढ़ाना बताया जा रहा है। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकों के जरिए हर सीट का फीडबैक लिया जा रहा है। पश्चिम यूपी में बढ़ी इस सक्रियता ने साफ संकेत दे दिया है कि बीजेपी ने मिशन-2027 के लिए अभी से पूरी ताकत झोंक दी है।