उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को तेज कर दिया है। पार्टी ने 2017 के उस विजयी मॉडल को दोहराने का संकल्प लिया है, जिसने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऐतिहासिक बहुमत दिलाया था। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक फूलप्रूफ प्लान तैयार किया है, जिसमें संगठनात्मक मजबूती, युवा चेहरों को आगे लाना और हर सीट पर 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करने की महत्वाकांक्षी रणनीति शामिल है।
350 सीटों का विजयी लक्ष्य
पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है। 403 सीटों में से कम से कम 350 पर विजय प्राप्त करना, ताकि 2017 की 325 सीटों की उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया जाए। पंकज चौधरी, जो महाराजगंज से सात बार के सांसद और कुर्मी समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं, को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। यह नियुक्ति न केवल पूर्वांचल में पार्टी की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति भी है।
हाईकमान ने चौधरी पर भरोसा जताया
2024 लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल और ओबीसी वोटों में आई दरार को देखते हुए हाईकमान ने चौधरी पर भरोसा जताया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट कहा है कि चौधरी के नेतृत्व में पार्टी 325 से अधिक सीटें जीतेगी और समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव को ध्वस्त करेगी। संगठन में बड़े बदलाव की बयार बह रही है। सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2026 तक संगठन के सभी स्तरों प्रकोष्ठों, विभागों और मोर्चों में फेरबदल होगा।
मकर संक्रांति के बाद योगी कैबिनेट का विस्तार
मकर संक्रांति के बाद योगी कैबिनेट का विस्तार और संगठन में अदला-बदली का फॉर्मूला लागू किया जाएगा। क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष जोर है। पूर्वांचल के बाद अब पश्चिमी यूपी के नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारी दी जाएगी। जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए युवा और ऊर्जावान चेहरों को टिकट और संगठन में जगह मिलेगी। पार्टी का मानना है कि युवा नेतृत्व से कार्यकर्ताओं में नई उत्साह का संचार होगा और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत बनेगा।
2017 के विजयी माडल पर कसरत
भाजपा की रणनीति का केंद्रबिंदु 2017 मॉडल है, जिसमें हिंदुत्व, विकास और सामाजिक न्याय का संतुलित मिश्रण था। उस समय पार्टी ने बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए 325 सीटें जीती थीं। अब फिर से विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर फोकस है। हर सीट पर 50 प्रतिशत से अधिक वोट का लक्ष्य रखा गया है, ताकि विपक्ष की कोई भी लहर प्रभावी न हो। बूथ मैनेजमेंट, वोटर लिस्ट की सफाई और कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण इस प्लान का अहम हिस्सा है।
मिशन मोड पर पंकज चौधरी
पंकज चौधरी ने पद संभालते ही मिशन मोड में काम शुरू कर दिया है। मेरठ से पश्चिमी यूपी की यात्रा शुरू कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर जाता है। पार्टी कार्यकर्ता ही भाजपा की असली ताकत हैं और 2027 में ऐतिहासिक विजय का आधार बनेंगे। जेपी नड्डा और योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठकों में इस रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ है।
विपक्ष के लिए चुनौती होगी भाजपा की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषक ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल का मानना है कि भाजपा की यह तैयारी विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती है। समाजवादी पार्टी के पीडीए और कांग्रेस के गठबंधन को देखते हुए भाजपा ने ओबीसी और दलित वोटों को मजबूत करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। यदि यह प्लान सफल रहा तो योगी सरकार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रचेगी। मिशन 2027 अब पूरे जोर पर है।