.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3Dce040bc4-ceb9-4af1-a63b-df51690067d5&w=3840&q=75)
Blast in Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में सोमवार को हुए जोरदार धमाके में 24 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे समेत आम नागरिकों के साथ-साथ तालिबान से जुड़े आतंकी भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह विस्फोट उस परिसर में हुआ जहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा थी। स्थानीय पुलिस ने आशंका जताई है कि परिसर को पाकिस्तानी तालिबान के कमांडर सड़क किनारे बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने हवाई हमले किए, लेकिन इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तालिबान के ठिकाने पर छापा या हवाई हमला?
पुलिस अधिकारी जफर खान के अनुसार, यह परिसर तालिबान कमांडर अमन गुल और मसूद खान के कब्जे में था। यहां से सड़क किनारे बम बनाए जा रहे थे और नागरिकों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। खैबर और आसपास के जिलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा बल अभियान चला रहे हैं। माना जा रहा है कि यह परिसर टीटीपी के नेटवर्क का हिस्सा था, जिसके कई लड़ाके अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं।
यह भी देखेंःhttps://loksatya.com/details/supreme-court-strict-on-air-india-crash?id=country1758532248
स्थानीय नेताओं ने जताई नाराजगी
खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय विधानसभा के सदस्य अब्दुल गनी अफरीदी ने इस घटना को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। उन्होंने कहा कि निर्दोष महिलाओं और बच्चों की मौत की जवाबदेही तय होनी चाहिए। अफरीदी ने हवाई हमले की निंदा करते हुए इसे "राज्य का उत्पीड़न" बताया और कहा कि कभी बच्चों की हंसी से गूंजने वाली घाटी अब लाशों से भर गई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की। इस बीच, पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।