Blind Sculptor Ram Pal : कला को समझने के लिए सिर्फ आंखों की जरूरत नहीं होती, यह बात उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मूर्तियां बनाने वाले राम पाल ने साबित कर दी है। पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले करीब 50 साल के राम पाल जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। वह अपनी आंखों से उन मूर्तियों को नहीं देख सकते, जिन्हें वह बनाते हैं, लेकिन अपने हाथों के स्पर्श से उनकी हर बारीकी को महसूस कर लेते हैं। उनकी कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है।
हाथों के स्पर्श से पहचानते हैं हर आकार
राम पाल मिट्टी से भगवान गणेश और मां दुर्गा की मूर्तियां बनाते हैं। मूर्ति तैयार करते समय वह बार-बार अपने हाथों से मिट्टी को छूकर उसका आकार और बनावट समझते हैं। चेहरे की बनावट हो, हाथों की स्थिति हो या कपड़ों की सिलवटें, वह हर हिस्से को स्पर्श के जरिए महसूस करते हैं। धीरे-धीरे उनके हाथ मिट्टी को वही आकार देने लगते हैं, जिसकी कल्पना उन्होंने अपने मन में की होती है।
बिना देखे तैयार करते हैं शानदार मूर्तियां
मूर्ति बनाना अपने आप में मेहनत और धैर्य का काम है, लेकिन राम पाल के लिए यह काम और भी खास है। जहां दूसरे मूर्तिकार अपनी बनाई आकृति को देखकर उसमें सुधार कर सकते हैं, वहीं राम पाल को हर चीज हाथों से समझनी पड़ती है। इसके बावजूद उनकी बनाई मूर्तियों में देवी-देवताओं के चेहरे से लेकर शरीर की बनावट तक काफी बारीकी दिखाई देती है। यही बात उनकी कला को लोगों के बीच अलग पहचान देती है।
हुनर ने लोगों को किया हैरान
राम पाल की कहानी का सबसे खास हिस्सा यह है कि उन्होंने अपनी कमी को अपनी कला के रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया। वह मिट्टी के साथ काम करते हुए अपने स्पर्श को ही अपनी आंखों की तरह इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और उनके काम से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद कई लोग उनकी मेहनत और हुनर की तारीफ कर रहे हैं। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि किसी काम को करने का जुनून हो तो रास्ते अलग हो सकते हैं।
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कला सिर्फ देखने से नहीं महसूस करने से भी बनती है
राम पाल की कहानी उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो किसी शारीरिक परेशानी के कारण अपने सपनों को छोड़ देते हैं। उनकी मूर्तियां बताती हैं कि कला केवल आंखों से देखने की चीज नहीं है, उसे महसूस भी किया जा सकता है। मिट्टी को हाथों से समझकर उसमें सुंदर आकृति तैयार करने वाला उनका हुनर वाकई खास है। यही वजह है कि उनकी कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है और एक बार फिर यह बात सामने आ रही है कि असली हुनर किसी सीमा का मोहताज नहीं होता।