
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सैन्य संघर्ष का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को थाईलैंड की मीडिया ने जानकारी दी कि इस खूनी संघर्ष के कारण एक लाख से ज्यादा लोग बॉर्डर क्षेत्र को छोड़कर पालयन कर गए हैं। वहीं दूसरी ओर मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने दोनों देशों से शत्रुता को खत्म करने की अपील की है।
सीमा पर किस तरह के हैं हालात
थाईलैंड के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, सीमा से सटे चार प्रांतों से 100,000 से अधिक लोगों ने पलायन किया है। इन्हें करीब 300 अस्थायी आश्रयों में लाया गया है। वहीं देश के स्वास्थ्य मंत्रालय का ऐलान किया है कि मरने वालों की संख्या 15 हो चुकी है। इसमें 14 नागरिक और एक सैनिक है. सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर, कंबोडियाई शहर समरांग में शुक्रवार को फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं। इस धमाके के साथ ही लोग अपना सामान पैक करके निकलने लगे। वे यहां से भागने का प्रयास करने लगे।
काफी पुराना है सीमा विवाद
आपको बता दें कि यह लड़ाई काफी समय से जारी है। दोनों देश एक दूसरे के साथ 800 किलोमीटर की सीमा को सांझा करते हैं। 2008 और 2011 के बीच कई क्षेत्रों में दर्जनों किलोमीटर तक लड़ाई हुई। इसमें कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। वहीं हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा। 2013 में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट सामने आई। कोर्ट के फैसले के बाद एक दशक से ज्यादा समय तक चले केस का निपटरा हो गया। इसके बाद भी मौजूदा संकट मई में आरंभ हो गया। इस संघर्ष में एक कंबोडियाई सैनिक की मृत्यु हो गई।
थाई सेना के अनुसार, गुरुवार को लड़ाई कुल छह जगहों पर हो रही थी। इसमें दो प्राचीन मंदिर भी शामिल थे। इस दौरान कंबोडिया ने थाईलैंड पर बड़े हमले किए। इसमें रॉकेट का इस्तेमाल किया गया। थाईलैंड ने सीमा पार सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने के लिए एफ-16 जेट विमानों का इस्तेमाल किया।
शांति की अपील
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मैनेट के अनुरोध पर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद घातक झड़पों पर चर्चा को लेकर शुक्रवार को एक आपातकालीन बैठक करेगी। अमेरिका ने इस संघर्ष तुरंत खत्म करने का आग्रह किया है। यूरोपीय संघ और चीन का कहना है कि वे झड़पों के बारे में चिंतित हैं। दोनों देशों को बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश करने को कहा गया है।