महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की सरगर्मी तेज हो चुकी है और सबसे ज्यादा नजरें टिकी हैं मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 पर। महायुति गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मंथन अंतिम दौर में है, लेकिन मुंबई की 227 सीटों पर सहमति अब तक नहीं बन पाई है। देर रात तक चली बैठक के बावजूद गठबंधन का क्लाइमेक्स फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है।
ठाणे और कल्याण-डोंबिवली पर बनी लगभग सहमति
महायुति के भीतर ठाणे और कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। गठबंधन के सूत्रों के अनुसार, ठाणे में शिवसेना को बड़ी भूमिका देने पर सहमति बन गई है। स्थानीय समीकरण, सिटिंग सीटें और संगठनात्मक ताकत को ध्यान में रखते हुए सीटों के बंटवारे पर तकनीकी चर्चा पूरी हो चुकी है। माना जा रहा है कि यहां गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा।
मुंबई महानगरपालिका क्यों बनी सबसे बड़ी चुनौती
मुंबई महानगरपालिका की 227 सीटें महायुति के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। शिवसेना की मांग है कि उसे 95 से 100 सीटें दी जाएं, जबकि बीजेपी इससे कम सीटों पर अड़ी हुई है। बातचीत के दौरान 87 सीटों का फॉर्मूला सामने आया, लेकिन शिवसेना का कहना है कि बीजेपी उन वार्डों पर भी दावा जता रही है, जहां शिवसेना की पकड़ मजबूत रही है। यही कारण है कि अंतिम सहमति अब तक नहीं बन पाई।
देर रात बैठक, फिर भी फैसला लंबित
बीती रात चली लंबी बैठक में कई दौर की चर्चा हुई, लेकिन मुंबई को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। हालांकि अन्य नगर निगमों पर सहमति से गठबंधन नेताओं को राहत जरूर मिली है। अंदरखाने तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
आज की अहम बैठक से उम्मीद
सीट बंटवारे पर आखिरी मुहर लगाने के लिए आज एक और अहम बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद मुंबई महानगरपालिका को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। यदि सहमति बनी, तो जल्द ही उम्मीदवारों की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।