बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के नतीजे सामने आते ही महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। मेयर पद को लेकर जोड़-तोड़ की आशंकाओं के बीच उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को मेयर चयन तक एक सुरक्षित पांच सितारा होटल में ठहराने की योजना बनाई गई है।
नतीजों के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
बीएमसी चुनाव परिणामों के बाद मुंबई की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। महायुति को बहुमत मिलने के साथ ही मेयर पद पर कब्जे की रणनीति तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस संवेदनशील दौर में किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी से बचने के लिए शिंदे गुट ने यह सख्त कदम उठाया है।
‘सिक्योरिटी प्लान’ के तहत होटल में ठहराव
एकनाथ शिंदे ने अपने सुरक्षा प्लान के तहत सभी जीते हुए पार्षदों को एक ही स्थान पर रखने का निर्णय लिया है। दावा है कि पार्षदों को पांच सितारा होटल में ठहराया जाएगा, जहां उनकी सुरक्षा के साथ-साथ राजनीतिक समन्वय भी सुनिश्चित किया जा सके। इसका उद्देश्य मेयर चुनाव तक संगठन को एकजुट बनाए रखना है।
बीएमसी चुनाव के अंतिम नतीजे
227 सीटों वाली बीएमसी में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के गठबंधन ने कुल 118 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा को 89 और शिंदे गुट को 29 सीटें मिलीं, जिससे गठबंधन ने 114 के बहुमत आंकड़े को पार कर लिया। यह जीत मुंबई के सत्ता समीकरणों में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।
विपक्षी गठबंधन को लगा झटका
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT), मनसे और एनसीपी (शरद पवार गुट) का गठबंधन कुल 72 सीटों पर सिमट गया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिलीं, जबकि मनसे को छह और एनसीपी (शप) को एक सीट से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं, जबकि अन्य दलों को सीमित सफलता मिली।
मेयर चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्षदों को होटल में रखने का फैसला मेयर चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन और अनुशासन बनाए रखने की रणनीति है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह कदम सत्ता तक पहुंचने में कितना कारगर साबित होता है।