पश्चिम अफ्रीकी देश गाम्बिया में प्रवासियों को लेकर जा रही एक नाव में अचानक आग लग गई। हादसे के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें नाव पर सवार सभी 101 प्रवासियों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस अभियान में गाम्बिया के कई सरकारी विभागों के साथ रेड क्रॉस और नौसेना की टीमों ने हिस्सा लिया। बचाए गए लोगों में पांच नाबालिग भी शामिल हैं।
गाम्बिया इमिग्रेशन डिपार्टमेंट (जीआईडी) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नाव में आग लगने की घटना सिका और अल्ब्रेडा के आसपास हुई। सूचना मिलने के बाद तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। इसमें जीआईडी की माइग्रेशन मैनेजमेंट और बॉर्डर पेट्रोल यूनिट्स, गाम्बिया रेड क्रॉस सोसाइटी, गाम्बिया फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज और गाम्बिया नेवी की टीमें शामिल रहीं।
तीन देशों के नागरिकों को बचाया गया
गाम्बिया इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, बचाए गए 101 प्रवासियों में 72 सेनेगल, 27 गाम्बिया और दो गिनी के नागरिक हैं। सभी बचाए गए लोग पुरुष हैं। इनमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं।
हादसे के बाद कुछ लोगों को उपचार के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। विभाग के बयान के समय 14 लोग एसाउ हेल्थ सेंटर में इलाज करा रहे थे। वहीं, दो अन्य लोगों को अल्ब्रेडा हेल्थ सेंटर में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। ये दोनों जांच में अधिकारियों की मदद कर रहे थे।
हालांकि, विभाग ने नाव में आग लगने के कारणों और हादसे की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। फिलहाल संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
फ्रांस के तट पर नाव डूबने से तीन प्रवासियों की मौत
समुद्र के रास्ते यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के साथ हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले 28 सितंबर को उत्तरी फ्रांस के तट के पास एक टैक्सी-बोट डूब गई थी। इस दुर्घटना में तीन प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मामूली रूप से घायल हुए थे।
फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर 'फ्रांस इन्फो' के मुताबिक, यह हादसा पा-द-काले क्षेत्र के विसां तट के पास हुआ था। नाव में कुल 105 लोग सवार थे। समुद्री प्रशासन के अनुसार, इंग्लिश चैनल पार कराने के लिए मानव तस्करों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नावों का आकार पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। साल 2021 में इन नावों की औसत क्षमता 26 लोगों की थी, जो 2026 की शुरुआत तक बढ़कर 65 लोगों तक पहुंच गई।
एक दिन में 781 प्रवासी पहुंचे ब्रिटेन
इंग्लिश चैनल के रास्ते छोटी नावों से ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों का मुद्दा ब्रिटेन और फ्रांस के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। दोनों देशों के सामने अवैध प्रवास और मानव तस्करी रोकने की बड़ी चुनौती है।
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 23 सितंबर को छोटी नावों के जरिए इंग्लिश चैनल पार कर 781 प्रवासी ब्रिटेन पहुंचे थे। यह इस साल एक ही दिन में ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों की सबसे बड़ी संख्या थी।
भूमध्य सागर में भी प्रवासियों की जान पर खतरा
अफ्रीका से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए भूमध्य सागर भी बेहद जोखिम भरा रास्ता बना हुआ है। इसी साल अगस्त में इटली की गैर-सरकारी संस्था 'इमरजेंसी' के एक मानवीय बचाव जहाज ने लीबिया के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में 50 प्रवासियों को बचाया था। इस दौरान सात लोगों के शव भी बरामद किए गए थे।
संस्था के मुताबिक, प्रवासी दो मंजिला लकड़ी की नाव पर सवार थे। बचाव अभियान के बाद जीवित बचे लोगों को सुरक्षित अपने जहाज पर पहुंचाया गया। हालांकि, संस्था ने उनकी राष्ट्रीयता या हादसे की परिस्थितियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
लीबिया उन प्रमुख देशों में शामिल है, जहां से बड़ी संख्या में प्रवासी समुद्री रास्ते से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं। इस दौरान भूमध्य सागर में नाव पलटने और डूबने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इनमें कई लोगों की जान चली जाती है, जबकि कुछ लापता हो जाते हैं। गाम्बिया में 101 प्रवासियों को सुरक्षित बचाया जाना राहत की खबर है, लेकिन अफ्रीका से यूरोप तक खतरनाक समुद्री रास्तों के जरिए होने वाला पलायन और मानव तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चुनौती बने हुए हैं।