मुजफ्फरनगर के नगर क्षेत्र में नालों व काली नदी में बड़ी संख्या में बोरों में बंद गोवंश के और भैंस के बछड़ों के शव मिल रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। गौ सेवक नीशू की सूचना पर पहुँची। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद बछड़ों के शवों को जेसीबी की सहायता से जमीन में दबा दिया गया। नगर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना में काली नदी मे मृतक मिले गौ वंश के छोटे बछड़े व भैंस के बच्चे बड़े बड़े प्लास्टिक के बोरो व कट्टों में बंद करके डाले गए थे। इससे पूर्व मे नई मंडी क्षेत्र के नालों में भी इसी तरह प्लास्टिक के बोरों में गोवंश के बछड़ों की लाश मिली थी।
प्लास्टिक के कट्टो में बछड़ों के शव
रविवार को जैसे ही मिमलाना में काली नदी में प्लास्टिक के कट्टो में बछड़ों के शव पड़े मिले तो गौ सेवक नीशू की सूचना पर थाना कोतवाली प्रभारी बबलू कुमार वर्मा के द्वारा मौके पर पहुंचकर मृतक सभी पशुओं का हिंदू धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कराने के लिए नमक की व्यवस्था कराई गई।
जेसीबी की सहायता से गड्ढे बनवाए
इसके बाद गोसेवकों द्वारा जेसीबी की सहायता से गड्ढे कराकर नमक डालकर सभी गोवंशीय और भैंस के बछड़ों वह कटडों को दबा दिया गया। इस पुनीत कार्य में गौ सेवक नीशू व नवीन प्रणामी लगे रहे जबकि स्थानीय चौकी प्रभारी दरोगा दीपक चौधरी ने आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बोरों में कर बछड़े फेंकने वालों के खिलाफ पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।