इंचौली थानाक्षेत्र के ग्राम जलालपुर में उस वक्त मातम छा गया, जब शुक्रवार को गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बहे चार युवकों में से तीन के शव शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिए। करीब 24 घंटे से चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद शनिवार सुबह से दोपहर तक तीन युवकों को निकाल लिया गया, जबकि चौथे युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है। शुक्रवार को ग्राम जलालपुर निवासी भगवती देवी के निधन के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए मखदूमपुर गंगा घाट आए थे। अंतिम क्रिया के पश्चात स्नान करते समय चार युवक—अभिषेक, प्रियांशु, दीपांशु और हिमांशु-गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए थे।
शव भी टीम ने ढूंढ निकाला
रेस्क्यू ऑपरेशन और बरामदगी एसडीएम मवाना संतोष सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम शनिवार सुबह से ही मुस्तैद थी। शुक्रवार दिन से ही चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद शनिवार सुबह 11:40 बजे: घटनास्थल से महज 10 मीटर की दूरी पर अभिषेक (23 वर्ष) पुत्र कमल सिंह का शव मिला। दोपहर 02:18 बजे: कुछ ही दूरी पर प्रियांशु (17 वर्ष) पुत्र सोनू का शव बरामद हुआ। दोपहर 03:30 बजे: तीसरे युवक दीपांशु (21 वर्ष) पुत्र सोनू का शव भी टीम ने ढूंढ निकाला।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया
पुलिस ने पंचनामा भरकर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। वहीं, चौथे युवक हिमांशु पुत्र कमल सिंह का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पक्के घाट के अभाव में जोखिम में जान मखदूमपुर गंगा घाट पर सुरक्षा इंतजामों की पोल एक बार फिर खुल गई है। क्षेत्रीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। तहसील मुख्यालय से 13 किमी दूर स्थित इस घाट तक पहुंचने का रास्ता रेतीला और दलदली है।
तेज बहाव में उतरने को मजबूर
सुरक्षा का अभाव: यहाँ कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ा मेला लगता है और हर माह हजारों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन स्थायी पक्का घाट और बैरिकेडिंग न होने के कारण लोग गहरे पानी और तेज बहाव में उतरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहाँ सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और पक्का घाट होता, तो शायद इन युवाओं की जान बच सकती थी।