Baghpat Murder Case: उत्तर प्रदेश के बागपत में दो युवकों के लापता होने के मामले का 19 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव के पास स्थित एक मंदिर परिसर से दोनों के शव बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवकों की हत्या के बाद शवों को मंदिर के पीछे दफना दिया गया था। किसी को शक न हो, इसके लिए ऊपर से सीमेंटेड टाइल्स भी लगाई गई थीं। घटना के बाद मंदिर का महंत फरार बताया जा रहा है, जबकि उसके दो शिष्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
25 जुलाई को दोनों युवक हुए थे लापता
मृतकों की पहचान अंकित (25) और इसरार (32) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले और दोस्त थे। परिजनों के मुताबिक, 25 जुलाई को दोनों बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन से परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों से बात नहीं हो सकी। 27 जुलाई की शाम के बाद उनके फोन भी बंद हो गए। इसके बाद 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
आखिरी लोकेशन से मंदिर तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और ग्रामीणों से पूछताछ की। इसमें दोनों युवकों की आखिरी गतिविधि लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के आसपास सामने आई। इसके बाद पुलिस की जांच मंदिर के महंत नरेश नाथ तक पहुंची। पुलिस को अंकित की बहन और महंत के बीच कथित संबंधों की जानकारी भी मिली। बुधवार रात पुलिस ने मंदिर में दबिश दी, लेकिन महंत मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद उसके दो शिष्यों कृष्ण यादव और उज्ज्वल से पूछताछ की गई।
पूछताछ में शिष्यों ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों शिष्यों ने बताया कि दोनों युवकों की हत्या के बाद उनके शव मंदिर के पीछे दफनाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने रात करीब तीन बजे बताए गए स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई में दोनों शव बरामद हुए। कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर शवों की पहचान अंकित और इसरार के रूप में की गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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बहन से संबंध को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अंकित अपनी बहन और महंत के कथित संबंधों से नाराज था। बताया जा रहा है कि वह अपने दोस्त इसरार के साथ महंत को समझाने के लिए मंदिर गया था। वहां विवाद बढ़ने के बाद दोनों की हत्या किए जाने का आरोप है। हालांकि, पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और हत्या की पूरी परिस्थितियों का पता पोस्टमॉर्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर लगाया जा रहा है।
महंत पहले भी गांव से निकाला गया था
पुलिस के मुताबिक, महंत नरेश नाथ मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। वह करीब एक साल पहले तक गांव में ही रहता था और पूजा-पाठ कराता था। ग्रामीणों ने उसके आचरण को लेकर उसे गांव से बाहर कर दिया था, जिसके बाद वह गांव से करीब दो किलोमीटर दूर मंदिर में अपने दो शिष्यों के साथ रहने लगा। एसपी सूरज राय के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे संबंधों का विवाद सामने आया है। फरार महंत की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।