
रूस-युक्रेन युद्ध में मारे गए हरियाणा के हिसार जिले के गांव मदनहेड़ी के 28 वर्षीय सोनू का शव बुधवार को दोपहर गांव पहुंचा। मदनहेड़ी गांव में शोक की लहर है। यहां पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। गांव वालो ने नम आँखों से सोनू को अंतिम विदाई दी गई।
परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए
रूस की सेना ने सैन्य सामन के साथ सोनू के पार्थिव शरीर को भारत भेजा। पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचते ही गांव वालों ने शहीद सोनू अमर रहे के नारे ल के नारे लगाकर सम्मान दिया। इस दौरान परिजन और ग्रामीण ने कहा कि सोनू को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नारनौंद से विधायक जस्सी पेटवाड़ ने सरकार से डिमांड की है कि उनके परिवार को आर्थिक मदद दी जाए। बास थाना प्रभारी बलवंत सिंह ने कहा कि सरकार सोनू के परिजनों की मदद करेगी।
ये भी पढ़ें: Trump said Big Thing: ट्रंप ने मोदी की तारीफ में कही बड़ी बात- बोले, सबसे अच्छे दिखने वाले और सबसे सख्त नेता
19 सितंबर को रूस से एक पत्र मिला
सोनू के परिजन के अनुसार, सोनू को जबरन रशियन आर्मी में भर्ती किया गया। उसे युद्ध में भेजा था। मृतक सोनू के चाचा जगबीर सिंह बताया कि सोनू से परिवार की 3 सितंबर को आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उसने बताया कि उसे जबरन रशियन आर्मी में भर्ती किया जा रहा है। जल्द युद्ध में भेजा जाएगा। इसके बाद 19 सितंबर को रूस से पत्र मिला। इसमें बताया गया कि वह 6 सितंबर से वह लापता है। अब उसका शव मिल गया है। परिवार का कहना है कि रूसी सेना ने जो शव बताया, वह किसी और का है।
सोनू की युद्ध में मौत हो चुकी
सोनू के चाचा का कहना है कि 6 अक्टूबर को भी परिवार के पास रूस की सेना के अधिकारी ने पत्र भेजकर संदेश दिया। उसने कहा कि सोनू की युद्ध के दौरान मौत हो गई। हालांकि, इसके बाद रूस स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की पुष्टि नहीं की थी। भारतीय दूतावास से भी परिवार का संपर्क हुआ। इसमें कहा गया कि मौत की जानकारी सही है। बुधवार दोपहर तक सोनू का शव गांव में आया और उसका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने कहा की सोनू एक अच्छा युवक बताया। मांग है कि सरकार को उसके परिवार की मदद करनी चहिए।