योगी को चैलेंज देने वाले ये भूल गए की योगी जितने शांत और सरल स्वभाव के है उतने ही वो सख्त भी है, जब योगी के UP पर बात आती है तो उनका ऐसा पारा चढ़ता है और वो ऐसे कड़े फैसले लेते हैं जो सबकी नींद उड़ाकर रख देता है. दरअसल खबर है कि अयोध्या, मथुरा, काशी समेत अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर UP में अशांति फैलाने की कोशिश की जा सकती है. जिसके बाद योगी सरकार अब फुल एक्शन मोड में है, योगी ने पहले अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा का ब्लू प्रिंट तैयार किया औऱ फिर हर एक अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके बाद चप्पे-चप्पे पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है, यहां तक की नेपाल बॉर्डर पर तो सुरक्षा और कड़ी कर दी है क्योंकि पुख्ता खबर मिली है योगी के कड़े फैसले से पाकिस्तान और रोहिंग्या शरणार्थियों की कमर टूट चुकी है और अब वो इतना बौखलाएं हुए है कि यूपी में क्राइम को बढ़ावा दे सकते हैं.
37 घुसपैठियों के UP में दाखिल होने की आशंका
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान-नेपाल के रास्ते से एंट्री कर सकते हैं जिसको लेकर योगी ने सीमा पर करीब 1500 से ज्यादा जवानों को मोर्चा संभालने को कहा है, इसके साथ ही नेपाल बॉर्डर पर न सिर्फ 24 घंटे निगरानी हो रही है बल्कि बॉर्डर पर भी हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है उनसे पूछताछ की जा रही है, जिसके पीछे की वजह भी है. दरअसल योगी ने हाल ही में हर एक पाकिस्तानी नागरिक को UP से ढूंढ ढूंढकर बॉर्डर पार भेजा, इसके साथ ही रोहिंग्या शरणार्थियों का भी कमरतोड़ इलाज जारी है. जिससे पाकिस्तान ऐसा बौखलाया हुआ है कि वो योगी को ही चैलेंज दे रहा है और करीब 37 घुसपैठियों को नेपाल के रास्ते UP में भेज सकता है, जिसको लेकर अब सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरी तरह से एक्टिव मोड में है, क्योंकि यूपी की बात आई तो योगी ने खुद सारी कमान संभाली हुई है ताकी प्रदेश के किसी भी नागरिक की सुरक्षा में कोई सेंध न लग सके और न ही धार्मिक स्थलों पर कोई आंच आ सके.
भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित
रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ संदिग्ध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ करने की फिराक में है. इस इनपुट के बाद बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. सभी आने-जाने वाले लोगों के अलावा वाहनों की भी सघन तलाशी ली जा रही है. वहीं मथुरा-काशी समेत सभी धार्मिक स्थलों में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी है. जहां सुरक्षा एजेंसियों से लेकर पुलिस पूरी तरह से एक्टिव मोड में है. क्योंकि योगी का स्पष्ट संदेश है कि सूबे में किसी तरह का कोई भी गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अगर किसी ने किया तो उसका ऐसा इलाज होगा जो आगे आने वाली पीढ़ियां तक याद रखेंगी.