धागा कारोबारी को एनकाउंटर का भय दिखाकर 20 लाख की वसूली करने वाले दोनों दरोगाओं को पुलिस की टीम ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों दरोगाओं को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया, यहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी धागा कारोबारी राशिक को आठ दिसंबर को लोहिया नगर थाने में तैनात दो दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार गंगवार ने अगवा कर लिया था और हवाला के रुपये खाते में आने की बात कहकर एनकाउंटर की धमकी दी थी और छोड़ने के नाम पर कारोबारी से 50 लाख की डिमांड थी।
कारोबारी से वसूली के लिए काल करने लगे थे
सौदा 20 लाख में हुआ और घटना वाली देर रात 20 लाख रुपये मिलने के बाद दोनों दरोगाओं ने कारोबारी को छोड़ दिया था। इसके बाद दोनों दरोगा फिर से कारोबारी से वसूली के लिए काल करने लगे थे। इसकी शिकायत कारोबारी ने एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह से की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने दोनों दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया था और इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर लोहिया नगर थाना प्रभारी को भी एसएसपी ने सस्पेंड किया था।
न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया
साथ ही एसएसपी ने दोनों दरोगाओं के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने में भ्रष्टाचार निवारण आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया था। मुकदमा दर्ज होते ही दोनों दरोगा अंतरिम जमानत के लिए प्रयागराज भाग गए थे। दोनों की लोकेशन प्रयागराज मिलने पर एसपी सिटी ने दो टीमें पकड़ने के लिए भेजी थी। शुक्रवार को पुलिस की टीम ने दोनों आरोपी दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार गंगवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया था,जब वह अधिवक्ता से मिलने जा रहे थे। शनिवार को मेरठ लाने पर पुलिस ने दोनों का पहले मेडिकल चेकअप कराया और दोपहर को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।