बुलंदशहर। जनपद के थाना चोला क्षेत्र के धनोरा गांव निवासी भारतीय सेना के जवान प्रवीण चौधरी (32 वर्ष) का जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान बीमारी के चलते निधन हो गया। जवान की असामयिक मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। हर आंख नम हो गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रवीण चौधरी वर्ष 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में देश सेवा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रवीण चौधरी अपने पीछे पत्नी पूजा और डेढ़ वर्ष के मासूम बच्चे को छोड़ गए हैं। परिवार में वे दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता सुरेंद्र चौधरी किसान हैं, जबकि छोटा भाई पंकज एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। जवान की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पत्नी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में उमड़ा जनसैलाब
जैसे ही शहादत की सूचना गांव पहुंची, धनोरा गांव में सन्नाटा छा गया। सांत्वना देने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचने लगे। विधायक लक्ष्मी राज समेत हजारों लोग जवान के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
देशभक्ति और अनुशासन के लिए थे जाने जाते
ग्रामीणों ने बताया कि प्रवीण चौधरी बेहद मिलनसार और देशभक्त स्वभाव के थे। गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा का स्रोत थे। सेना में रहते हुए भी वे छुट्टी पर आने पर गांव के हर व्यक्ति से आत्मीयता से मिलते थे।
राजकीय सम्मान की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से दिवंगत जवान को पूर्ण राजकीय सम्मान देने और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
थाना चोला क्षेत्र के धनोरा गांव का यह मामला पूरे जनपद को गमगीन कर गया है। एक होनहार सैनिक के यूं चले जाने से न केवल परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है।