Dengue Vaccine: डेंगू को लोग जितना आसान समझते हैं उतना ही यह बीमारी खतरनाक साबित हो जाती है। डेंगू बुखार को ब्रेकबोन फीवर भी कहते हैं। डेंगू में तेज बुखार आता है, साथ ही साथ मांसपेशियों में दर्द होता है। कई लोग डेंगू को सामान्य फ्लू समझकर पैरासिटामोल जैसी दवा खा लेते हैं और नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है। इस बीमारी के फैलने की रफ्तार काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। डेंगू के मामले दुनिया भर में तेजी से बढ़ने लगे हैं। लेकिन अब इसे लेकर एक खबर सामने आई है। जी हां ब्राजील ने दुनिया की पहली सिंगल डोज डेंगू वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।
क्या है नई वैक्सीन
आपको बता दें कि अब ब्राजील ने डेंगू से लड़ने के लिए इतिहास रच दिया है। वैक्सीन की सिर्फ एक डोज में डेंगू से शरीर को सुरक्षित रखा जा सकता है। अब लोगों को बार-बार वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ब्राजील की हेल्थ एजेंसी ANVISA ने Butantan-DV नामक वैक्सीन को मंजूरी दे दी है, जिसे साओ पाउलो के Butantan Institute ने डेवलप किया है। हेल्थ एजेंसी ने बुटान्टन डीवी वैक्सीन को 12 से 59 साल के लोगों के लिए मंजूरी दी है। इस वैक्सीन का ट्रायल 8 साल तक चला और 16 हजार से ज्यादा लोगों पर टेस्ट किया गया, जिसमें सिंगल डोज वैक्सीन ने गंभीर डेंगू के खिलाफ 91.6 फीसदी असर दिखाया।
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"डेंगू के खिलाफ एक मजबूत हथियार"
बता दें कि पहले दुनिया में सिर्फ TAK-003 वैक्सीन ही थी और इसके दो डोज लगते थे। दोनों डोज के बीज तीन महीने का अंतर होता था। लेकिन अब सिंगल डोज वैक्सीन ज्यादा लोगों को जल्दी और आसानी से वैक्सिनेट करने में मदद मिलेगी। वहीं Butantan Institute के डायरेक्टर एस्पेर कालस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ये ब्राजील के लिए साइंस और हेल्थ में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब डेंगू के खिलाफ एक मजबूत हथियार मौजूद है।
क्यों जरूरी है वैक्सीन
डेंगू की बीमारी काफी तेजी से दुनिया भर में फैल रही थी। इस बीमारी से दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित होते हैं। डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो सकती है, जिससे जान जाने तक का खतरा रहता है। वहीं आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में डेंगू के 14.6 मिलियन से ज्यादा मामले सामने आए थे, जिसमें से 12,000 मौतें हुई हैं।