दीपावली के बाद से मेरठ शहर की ऐसी हवा खराब हुई कि लोगों के फेफड़ों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मास्क नहीं लगाने पर सांस लेना दूभर हो गया है। आंखों में जलन व दिल के मरीजों को भी खासी दिक्कत हो रही हैं। रविवार की सुबह भी स्मॉग की परत शहर में फैली हुई थी। मेरठ का एक्यूआई हालांकि 378 रहा, लेकिन सुबह 10 बजे यह 529 पर अपने अधिकतम आंकड़े पर पहुंच गया। रेड जोन में ये बहुत खतरनाक स्तर है।
प्रदूषण को देखते हुए 10 दिन पहले ग्रेप-3 सिस्टम लागू कर दिया गया, लेकिन इसका असर कहीं भी नहीं दिखाई दिया। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेरठ कार्यालय व नगर निगम ने कुछ फैक्ट्रियों पर रोक लगाने व सड़कों पर छिड़काव करने के अलावा कुछ नहीं किया। जबकि शहर व ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। शहर की हवा इतनी खराब है कि लोगों को सांस लेने दिक्कत हो रही है। सुबह के समय टहलने वालों को ज्यादा दिक्कत है।
रात के तापमान में गिरावट आएगी
चिकित्सकों ने बिना मास्क के टहलने से परहेज करने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय एनसीआर समेत पूरा वेस्ट यूपी स्मॉग की चपेट में है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आने वाले चार दिनों तक मौसम के शुष्क रहने से रात के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर भी बढ़ेगा। हवा की स्पीड आज 6 किलोमीटर प्रति घंटा रही, हवा ज्यादा नहीं चलने से भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि निगम की ओर से शहर में छिड़काव कराया जा रहा है। जहां भी कूड़ा जलाने की शिकायत मिल रही है, वहां टीमें भेजकर उसे बुझवाया जा रहा है। इस काम में तेजी लाई जाएगी।
वायु प्रदूषण की स्थिति
गाजियाबाद 424
हापुड़ 414
नोएडा 403
ग्रेटर नोएडा 388
दिल्ली 383
मेरठ 378
मुजफ्फरनगर 374
बुलंदशहर 359
बागपत 337
मेरठ में 529 तक पहुंचा एक्यूआई
रात 1 बजे: 364
रात 2 बजे: 377
रात 3 बजे: 390
सुबह 4 बजे: 405
सुबह 5 बजे: 442
सुबह 6 बजे: 428
सुबह 7 बजे: 439
सुबह 8 बजे: 485
सुबह 9 बजे: 516
सुबह 10 बजे: 529
मेरठ के क्षेत्र
गंगानगर 457
जय भीम नगर 515
शास्त्रीनगर 547
बेगमपुल 370
दिल्ली रोड 362
परतापुर 269