Madhya Pradesh BRICS Culture Summit मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। 5 से 8 अगस्त तक यहां BRICS देशों का संस्कृति सम्मेलन आयोजित होगा। इस चार दिवसीय कार्यक्रम में सदस्य देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ प्रतिनिधि और कलाकार शामिल होंगे। सम्मेलन में सांस्कृतिक विरासत, आपसी सहयोग और परंपराओं को लेकर चर्चा होगी। साथ ही विदेशी मेहमानों को मध्य प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन से रूबरू कराया जाएगा।
भोपाल में BRICS देशों का जुटेगा प्रतिनिधिमंडल, संस्कृति और विरासत पर होगी चर्चा
राजधानी भोपाल में होने वाला BRICS संस्कृति सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन साबित होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में BRICS देशों के संस्कृति मंत्री, प्रतिनिधि और कलाकार हिस्सा लेंगे।आयोजन के दौरान संस्कृति, विरासत, कला और विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। वहीं सदस्य देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
तकनीकी बैठकों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण का केंद्र
BRICS संस्कृति सम्मेलन की शुरुआत 5 अगस्त को मिंटो हॉल में तकनीकी समितियों की बैठक के साथ होगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण करेगा।6 अगस्त को तकनीकी बैठकों का दूसरा दौर आयोजित होगा। शाम को रविंद्र भवन में BRICS सांस्कृतिक महोत्सव होगा, जिसमें सदस्य देशों के कलाकार लोक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
विदेशी प्रतिनिधि देखेंगे भोपाल की धरोहर और पर्यटन स्थल
7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्रियों का भोपाल आगमन होगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ट्राइबल म्यूजियम, वन विहार और राज्य संग्रहालय का भ्रमण करेगा। शाम को रविंद्र भवन में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।वहीं 8 अगस्त को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संस्कृति मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का दौरा करेगा।
भोपाल को मिलेगा वैश्विक मंच पर पहचान का अवसर
BRICS संस्कृति सम्मेलन के माध्यम से भोपाल को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।
विदेशी प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, कला परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों से परिचित कराया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।