BRICS Dinner Menu
: दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन में जहां दुनिया के बड़े नेता अहम मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं, वहीं उनके लिए तैयार किया गया खाना भी खूब चर्चा में है। इस बार मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया कि विदेशी मेहमानों को सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि भारत के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद का अनुभव भी मिले। 12 सितंबर को भारत मंडपम में हुए विशेष भोज में कई खास भारतीय व्यंजन परोसे गए।
एक थाली में कई राज्यों का स्वाद
ब्रिक्स मेहमानों के लिए तैयार भोजन में भारत की अलग-अलग जगहों की झलक देखने को मिली। कहीं उत्तर भारत का स्वाद था तो कहीं दक्षिण और पश्चिम भारत के व्यंजन शामिल किए गए। इस पूरी तैयारी का मकसद विदेशी मेहमानों को यह दिखाना था कि भारत का खाना सिर्फ कुछ मशहूर व्यंजनों तक सीमित नहीं है। देश के हर हिस्से की अपनी अलग पहचान और स्वाद है।
शुरुआत भी रही खास
भोज की शुरुआत में खांडवी मिल और खुम्ब गलौटी जैसे व्यंजन शामिल रहे। इसके बाद पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक और बाजरे का पुलाव जैसे पकवान परोसे गए। खास बात यह रही कि पारंपरिक स्वाद को कार्यक्रम के स्तर के हिसाब से खास अंदाज में पेश किया गया।
बाजरे से लेकर कमल वाली मिठाई तक
मेन्यू में मोटे अनाज यानी मिलेट्स को भी खास जगह दी गई। बाजरे से बने व्यंजनों के जरिए भारत की पारंपरिक और पौष्टिक खान-पान की आदतों को सामने रखा गया। मिठाई में शहतूत की फिरनी भी मेहमानों के लिए खास आकर्षण रही। कमल से प्रेरित मिठाइयों को भी मेन्यू का हिस्सा बनाया गया।
पुराने स्वाद को मिला नया अंदाज
इस पूरे आयोजन में एक और बात खास रही। भारतीय व्यंजनों को बिल्कुल पुराने तरीके से परोसने के बजाय उन्हें आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। लखनऊ के गलौटी कबाब, तंदूरी रोटियां और अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक स्वाद के साथ कुछ अंतरराष्ट्रीय स्वादों को भी जोड़ा गया, ताकि विदेशी मेहमानों के लिए खाना जाना-पहचाना भी लगे और नया अनुभव भी दे।
खाने की मेज भी बनी भारत की पहचान
ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में खाना सिर्फ मेहमानों की भूख मिटाने का जरिया नहीं होता। यह किसी देश की संस्कृति दिखाने का भी एक तरीका बन जाता है। इस बार भारत ने अपनी मेज पर उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक के स्वाद सजाकर यही संदेश देने की कोशिश की। यानी सम्मेलन की बातचीत के साथ-साथ मेहमानों को भारत की विविधता का स्वाद भी मिला।