BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में भारत की मेजबानी में BRICS Summit 2026 की शुरुआत हो चुकी है। दो दिवसीय सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए हैं। इसी बीच साझा घोषणापत्र को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सदस्य देशों के बीच Joint Declaration जारी करने पर सहमति बनती दिख रही है। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच इस सहमति को भारत की कूटनीतिक पहल के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
साझा घोषणापत्र पर सहमति
BRICS देशों के बीच संयुक्त घोषणापत्र को लेकर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। इसमें किसी एक देश का सीधे तौर पर नाम लेने के बजाय किसी भी देश की ओर से किए जाने वाले एकतरफा युद्ध की निंदा किए जाने की बात है। BRICS नेता शनिवार को इसे अंतिम मंजूरी दे सकते हैं और शाम करीब 4 बजे घोषणापत्र जारी होने की संभावना है।
ईरान-UAE तनाव पर नजर
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात ने सम्मेलन की कूटनीतिक अहमियत बढ़ा दी है। सदस्य देश ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेद कम करने और साझा सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्रीय संघर्ष के चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है।
ईरानी राष्ट्रपति का कड़ा संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भारत दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान दबाव और धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। उनका कहना है कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
मोदी-पेजेश्कियान की अहम बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात में सुरक्षित नौवहन और नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की जरूरत पर जोर दिया। द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी बातचीत हुई।
भारत के लिए अहम साल
भारत ने 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली है। इसी वर्ष संगठन अपनी स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे कर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।