BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आज दूसरा अहम दिन है। 12 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इनमें इथियोपिया, मलेशिया, UAE, वियतनाम और ईरान के नेताओं के साथ बातचीत शामिल है। वहीं शाम को PM मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होगी। BRICS बैठक में ग्लोबल गवर्नेंस, यूक्रेन, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
आज कई नेताओं से होगी बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी का शनिवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ मुलाकात होगी।
ईरान के राष्ट्रपति से भी अहम मुलाकात
सुबह 11:30 बजे राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक निर्धारित है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं की बातचीत पर खास नजर रहेगी। भारत के लिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक संपर्क भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
शाम को शी जिनपिंग से आमने-सामने
दिन की सबसे अहम बैठकों में से एक शाम 5:45 बजे होगी। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच सीमा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक से भारत-चीन संबंधों को लेकर भी अहम संकेत सामने आ सकते हैं।
BRICS में यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर चर्चा
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक राजनीति के साथ यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के प्रभाव पर चर्चा होगी। इन संकटों का असर ऊर्जा कीमतों, खाद्य आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है। भारत की कोशिश इन चुनौतियों का असर विकासशील देशों पर कम करने के लिए व्यावहारिक रास्ते तलाशने की है।
ग्लोबल साउथ पर भारत का फोकस
BRICS की अध्यक्षता कर रहा भारत ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को केंद्र में रख रहा है। खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर है। BRICS के विस्तार के बाद दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।