BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। BRICS बिजनेस फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि रूस पर 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। उन्होंने इन प्रतिबंधों को अनुचित बताते हुए दावा किया कि रूस की आर्थिक वृद्धि पिछले तीन वर्षों में वैश्विक औसत से ज्यादा रही है।
रूस पर 30 हजार से ज्यादा बैन
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों ने रूस पर 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगाए हैं। उनके मुताबिक, यह संख्या पश्चिम की ओर से दूसरे सभी देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों की कुल संख्या से लगभग दोगुनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस पर दबाव बनाने के लिए परिवहन मार्गों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कदम उठाए गए।
प्रतिबंधों के बावजूद इकोनॉमी मजबूत
रूसी राष्ट्रपति ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में रूस की आर्थिक वृद्धि वैश्विक औसत से अधिक रही है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान रूस की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और लगातार दबाव के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा लचीली और मजबूत बनी है।
पश्चिमी दबाव पर पुतिन का निशाना
पुतिन ने BRICS और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव की रणनीति अब पारंपरिक उपायों से आगे निकल चुकी है। उन्होंने पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाने, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को बाधित करने और समुद्री जहाजों को जब्त करने जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के कुछ रूप बेहद गंभीर हो गए हैं।
सेकेंडरी प्रतिबंधों पर भी सवाल
रूसी राष्ट्रपति ने उन द्वितीयक प्रतिबंधों की भी आलोचना की, जिनके जरिए रूस के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर दबाव बनाया जाता है। पुतिन के मुताबिक, पश्चिमी देश रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते रखने वाली सरकारों और संस्थानों पर भी प्रतिबंधों के जरिए दबाव डाल रहे हैं।
रूस ने बताया अपना जवाब
पुतिन ने कहा कि लगातार प्रतिबंधों और बाहरी दबाव के बीच रूस ने अपनी आर्थिक और राजनीतिक क्षमता को मजबूत किया है। इसी लचीलेपन को उन्होंने पश्चिमी दबाव का जवाब बताया। BRICS मंच से आए इस बयान में उन्होंने रूस की आर्थिक स्थिति को लेकर अपने रुख को स्पष्ट किया और पश्चिमी प्रतिबंधों की रणनीति पर सवाल उठाए।