BRICS Summit---ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सदस्य और आमंत्रित देशों की भागीदारी की तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सम्मेलन में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल होंगे। वहीं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सम्मेलन में पहुंचने की संभावना नहीं है। बांग्लादेश की ओर से विदेश मंत्री के प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद है। इस बीच भारत दौरे और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
शी जिनपिंग की मौजूदगी तय
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की पुष्टि हुई है। वह उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मेलन में पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी को इस बैठक के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
तारिक रहमान के दौरे पर संशय खत्म
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के ब्रिक्स सम्मेलन में आने की संभावना नहीं है। बांग्लादेश को इस सम्मेलन में अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री की जगह देश का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री कर सकते हैं। इससे पहले तारिक रहमान की यात्रा को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
बांग्लादेश की राजनीति का असर
तारिक रहमान की संभावित यात्रा को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले एक बयान भी सामने आया था, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा था। इसके बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने यात्रा के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत बताई थी। अब उनके सम्मेलन में शामिल नहीं होने की संभावना के बीच दोनों देशों के संबंधों पर भी चर्चा तेज हो गई है।
ब्रिक्स में कई बड़े नेता होंगे शामिल
बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है। वहीं चुनाव के चलते ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री के आने की बात कही गई है। ईरान और इंडोनेशिया के राष्ट्राध्यक्षों के भी शामिल होने की संभावना है।
ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीशों की बैठक भी शुरू
ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधान न्यायाधीशों की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें वाणिज्यिक विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता और सुलह का साझा मंच बनाने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में सदस्य देशों और सहयोगी देशों के शीर्ष न्यायिक अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा चीन के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत होने की भी चर्चा है।