पुलिस ने भोले भाले लोगों को शादी का झांसा देकर लूटपाट करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक अन्य महिला भी शामिल है। दुल्हन पहले से शादीशुदा थी और युवक को जाल में फंसाने के लिए उसने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समझ पेश कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
कानपुर के रहने वाले एक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी
फलावदा थाना पुलिस के मुताबिक समसपुर गांव निवासी बंटी की कुछ समय पहले कानपुर के रहने वाले एक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। वह डेढ़ लाख रुपये में शादी का झांसा देकर बंटी को पौड़ी गढ़वाल ले गया और प्रियंका उर्फ प्रीति से रिश्ता तय करा दिया। वहां शादी करने के बजाए आरोपी बंटी और प्रियंका को लेकर बिजनौर आ गया और 23 मार्च को बिजनौर में उक्त व्यक्ति ने बंटी की प्रियंका से कोर्ट मैरिज करा दी।
शादी के दौरान युवती की बहन व दो अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्हें युवती का रिश्तेदार बताया गया था। शादी के एक सप्ताह बाद ही दुल्हन ने आलू के पराठे में नशीला पदार्थ खिलाकर पति समेत परिवार अन्य सदस्यों को बेहोश कर दिया था और रात के अंधेरे में जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गई। रात डेढ़ बजे जब बंटी की बहन की आंख खुली तो दुल्हन घर से गायब थी और दरवाजा खुला था।
दुल्हन समेत चार लोगों को दबोच लिया
परिवार के अन्य सदस्य गहरी नींद में सोते मिले। बहन ने दुल्हन का मोबाइल मिलाया तो वह बंद मिला। इसके बाद बहन ने बिचौलिये का मोबाइल मिलाया तो वह भी बंद मिला। इसका मुकदमा विनेश कुमार ने दर्ज कराया था। फलावदा थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रह्म कुमार त्रिपाठी ने बताया, मुकदमा दर्ज करने के बाद बिचौलिया और लुटेरी दुल्हन के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया था। शनिवार रात लुटेरी दुल्हन का मोबाइल खुला तो उसकी लोकेशन लावड़-समसपुर मार्ग पर कांटे के पास मिली। तत्काल पुलिस ने दबिश देकर वहां से लुटेरी दुल्हन समेत चार लोगों को दबोच लिया।
फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था
थाना प्रभारी ने बताया, लुटेरी दुल्हन प्रियंका उर्फ प्रीति पूर्व में शादीशुदा है और छजलैट मखाना, जिला मुरादाबाद की रहने वाली है। उन्होंने अन्य आरोपियों के नाम ब्रजपाल सिंह निवासी अलाउद्दीनपुर गांव चांदपुर, जिला बिजनौर, राजेन्द्र निवासी मिलक मुकीमपुर धामपुर, जिला बिजनौर व पुष्पा निवासी मिलक मुकीमपुर धामपुर, जिला बिजनौर बताया है। उन्होंने बताया, इस गिरोह ने पीड़ित को जाल में फंसाने के लिए शादी के दौरान प्रियंका फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था।