गुजरात के वडोदरा जिले (पदरा तालुका) में बुधवार सुबह महिसागर नदी पर बना 1985 में बनाया गया गम्भीरा ब्रिज अचानक ढह गया. इससे कम से कम चार से पांच वाहन नदी में गिर गए और अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अन्य को बचाया गया है. घटना के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तकनीकी टीम जांच के लिए घटनास्थल पर भेजी है और राज्य सरकार ने नए पुल के निर्माण समेत अन्य जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया है. बता दें कि ब्रिज का एक हिस्सा सुबह लगभग 7:30 बजे ढह गया, जिससे दो ट्रक, दो वैन और एक ऑटो रिक्शा नदी में समा गए. इस हादसे में आठ लोग मारे गए और लगभग छह घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
बचाव अभियान चलाया गया
घटना के बाद रेस्क्यू टीमों में NDRF, फायर ब्रिगेड, वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और पुलिस टीम शामिल थीं. उन्होंने नावों और गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया. मुख्यमंत्री और जिला कलक्टर ने पहुंचकर रेस्क्यू की प्रगति की जानकारी ली है.
40 साल पुराना था पुल
यह गम्भीरा ब्रिज 1985 में बना था जो लगभग 40 साल पुराना था. नियमित रख-रखाव कराया जाता रहा, लेकिन इसकी हालत कमजोर थी. स्थानीय विधायक पहले ही सुरक्षा को लेकर आगाह कर चुके थे, लेकिन पुल पर आवाजाही बंद नहीं हुई थी. गम्भीरा ब्रिज वडोदरा और आंनद जिलों को जोड़ता था. येमध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच का मुख्य मार्ग था.
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तकनीकी विशेषज्ञों को ताजा सीन जांच के लिए भेजा है, दोषियों पर ‘कड़ा हिसाब’ होगा. साथ ही राज्य सरकार ने नए पुल के लिए ₹212 करोड़ मंजूर किए हैं और जल्द सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा. विपक्षी दलों ने सरकार पर ज़िम्मेदारी न लेने के आरोप लगाए हैं, लेकिन सरकार ने कहा कि जांच और मुआवज़ा दोनों पर काम चल रहा है.
क्यों हुआ हादसा?
अनुमान लगाया जा रहा है कि पुल की कमजोर संरचना और संभवतः मरम्मत में कमी हादसे की वजह बनी.लेकिन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से साफ़ होगा कि किन हिस्सों में कमी थी, कौन ज़िम्मेदार है और अगली तैयारी क्या होगी.