UP News: प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्तर पर कार्यरत हजारों शिक्षकों की योग्यता को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अपग्रेड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के परिषदीय तथा मान्यता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में तैनात लगभग 32 हजार बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए अब छह माह का विशेष ब्रिज कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। यह कोर्स शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा के नवीनतम दृष्टिकोण, बाल-केंद्रित शिक्षण विधियों, डिजिटल शिक्षा और समावेशी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से प
रिचित कराएगा।
शिक्षकों की प्रोफेशनल क्षमता में सुधार होगा
इस फैसले से एक ओर जहां शिक्षकों की प्रोफेशनल क्षमता में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक स्तर के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पात्र शिक्षकों को इस कोर्स के बारे में तुरंत और स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि कोई भी शिक्षक इस महत्वपूर्ण अवसर से वंचित न रहे।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 फरवरी
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के आधिकारिक पोर्टल पर इच्छुक और पात्र बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को 20 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। इस ब्रिज कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही इन शिक्षकों की सेवाएं नियमित एवं स्थायी रूप से मान्य होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर पंजीकरण न करने वाले शिक्षकों पर भविष्य में अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
स्कूलों में नोटिस चस्पा करने के निर्देश
जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी संबंधित स्कूलों में नोटिस चस्पा करें, व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य माध्यमों से जानकारी प्रसारित करें तथा शिक्षकों की सहायता के लिए हेल्पडेस्क भी स्थापित करें। यह कोर्स शिक्षकों के लिए न केवल अनिवार्य है, बल्कि उनकी करियर ग्रोथ और प्रोफेशनल डेवलपमेंट का सुनहरा अवसर भी साबित होगा।