अखिल भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में सबूतों के अभाव में बरी होने के बाद मंगलवार को नोएडा में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सेक्टर-14 क्लब में उनके स्वागत में बैंड-बाजे की धूम रही।कार्यक्रम में उनकी बेटी शालिनी सिंह, कैसरगंज सांसद बेटे करण भूषण सिंह, कुश्ती संघ के अध्यक्ष बबलू सिंह सहित कई समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सख्त कानूनों का सदुपयोग कम और दुरुपयोग ज्यादा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बृजभूषण शरण सिंह ने महिला सुरक्षा कानूनों के बढ़ते दुरुपयोग पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने सख्त कानूनों का सदुपयोग कम और दुरुपयोग ज्यादा हो रहा है। कई बार इन कानूनों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर निर्दोष लोगों को फंसाया जाता है और उनका राजनीतिक या व्यक्तिगत करियर बर्बाद करने की कोशिश की जाती है। जैसा कि उनके अपने मामले में देखने को मिला।
राजनीतिक साजिश करार दिया
उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार दिया। तंज कसते हुए कहा कि जिन तथाकथित आरोपों के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई थी, उन्हीं आरोपों की वजह से आज वे देश ही नहीं बल्कि विश्व विख्यात हो गए हैं।
देवासुर संग्राम का जिक्र किया
सनातन संस्कृति और रामायण का हवाला देते हुए उन्होंने देवासुर संग्राम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि उस काल में भी महिलाएं बराबरी पर थीं। रानी केकई राजा दशरथ के साथ युद्ध के मैदान में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रही थीं। परिस्थितियों और कुछ व्यवहारों के कारण इतिहास में किसी को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान बढ़ाने का कारण बने। कोर्ट के फैसले के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था।