कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उनके मुताबिक इस तरह के दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बचपन से हनुमानगढ़ी में दर्शन और पूजा करते आ रहे हैं और उन्होंने वहां कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी।
निर्माण को लेकर भी किया दावा
बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी दावा किया कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम व्यक्ति ने कराया था। उन्होंने कहा कि इसका उल्लेख वहां लगे शिलालेख में भी दर्ज है। हालांकि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल उन्हें उस व्यक्ति का नाम याद नहीं है। यह दावा उन्होंने अपने बयान के दौरान किया, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
राम मंदिर चोरी मामले पर बोले
श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व सांसद ने कहा कि इस घटना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक किसी भी घटना की जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
शंकराचार्य की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराने संबंधी सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और मामले में तथ्य सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
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बयानों पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
हनुमानगढ़ी और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बृजभूषण शरण सिंह के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल हनुमानगढ़ी से जुड़े उनके दावे और राम मंदिर मामले पर जांच अपनी-अपनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।