Brijbhushan Sharan Singh Statement: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हनुमानगढ़ी को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंदिर परिसर में कभी नमाज अदा किए जाने के दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हनुमानगढ़ी मंदिर के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान रहा था और इससे जुड़ा शिलालेख आज भी मौजूद है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर दिया जवाब
राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच या आरोप को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए और बिना प्रमाण के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।
मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
पूर्व सांसद नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छपिया, वजीरगंज, मनकापुर और नवाबगंज क्षेत्र के बड़ी संख्या में मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सोनम वांगचुक और अन्य विवादों पर भी रखी राय
सोनम वांगचुक के अनशन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मांग सरकार तक पहुंच चुकी है और अब उन्हें सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। वहीं, धार्मिक विवादों से जुड़े बयानों पर उन्होंने संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जो समाज में तनाव पैदा करें।
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की बात
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और निर्णय तथ्यों तथा नियमों के आधार पर लिया जाना चाहिए।