उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुर्सी से दूर रहने के कारण अखिलेश यादव बौखलाहट में ऐसे बयान दे रहे हैं जो भारत माता के सम्मान के खिलाफ हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में अखिलेश यादव ने जातीय गोलबंदी कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि बिहार में विकास और कानून व्यवस्था के नाम पर एनडीए की सरकार बनना तय है।
SIR से क्यों घबराए अखिलेश यादव?
बृजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव और विपक्ष SIR (Special Identification Revision) से डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पहले भी हो चुकी है और इसमें केवल वही लोग मतदाता सूची से बाहर किए जाते हैं जो अवैध रूप से दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “अगर पारदर्शी वोटर लिस्ट बन रही है तो अखिलेश यादव को परेशानी क्यों हो रही है?” डिप्टी सीएम ने कहा कि यूपी में SIR लागू होने से सपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाएगी।
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जातिवाद और घुसपैठ के मुद्दे पर भी साधा निशाना
बृजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति अब जातिवाद और घुसपैठियों के समर्थन तक सीमित रह गई है, जबकि जनता अब पूरी तरह जागरूक है। उन्होंने कहा कि “बीजेपी सरकार प्रदेश में पारदर्शिता चाहती है और SIR लागू होने से वोटर लिस्ट से घुसपैठिए बाहर होंगे।” पाठक ने कहा कि जातिवाद का जहर अब देश में कभी सफल नहीं होगा और अखिलेश जैसी पार्टियां जनता का भरोसा दोबारा नहीं जीत पाएंगी।