शहर कोतवाली क्षेत्र में गांव पीनना में हुई डकैती की घटना पीड़ित के सगे जीजा ने ही अपने साथियों के साथ कराई थी। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी जीजा व उसके छह साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से लाखों रुपए के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त कार व एक तमंचा बरामद किया है। शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बबलू कुमार वर्मा ने बताया कि गांव पीनना निवासी रवि कुमार पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि अज्ञात बदमाशों ने उसे व उसके परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपए के जेवरात मकान से लूट लिए थे।
रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी
पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी। शहर कोतवाल पुलिस ने घर में घुसकर वारदात करने वाले तीन आरोपी अंकित निवासी गांव तुगाना थाना छपरौली जिला बागपत, अर्जुन चौधरी निवासी गांव यारपुर थाना थानाभवन जिला शामली, आकाश कुमार निवासी गांव ज्ञाना माजना थाना चरथावल को चरथावल रोड से मुठभेड के दौरान गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक तमंचा, एक कार व साढे तीन किलो चांदी व 30 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उन्होंने अपने साथी गौरव, विपिन, अनुज निवासीगण गांव कैडी थाना बाबरी जनपद शामली व दीपक कुमार निवासी कादरगढ थाना थानाभवन शामली के साथ मिलकर वारदात की योजना बनायी थी।
आरोपियों को भी काली नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने पूछताछ के बाद नाम सामने आने पर इन चारों आरोपियों को भी काली नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी अनुज पीडित मकान मालिक रवि का जीजा है। उसे इस बात की जानकारी थी कि साले रवि के मकान में लाखों रुपए के सोना व चांदी के जेवरात जमीन में दबा। कर रखे गए है। गिरफ्तार आरोपी अनुज ने अपने साथी लाला उर्फ रुपक निवासी कादरगढ जनपद शामली व साथी मोटा को बताया था कि उसके साले रवि के मकान में काफी सोने व चांदी के जेवरात है। जिसको रवि ने मकान एक कमरे में कोने में जमीन में गाढ रखा है।
मकान की अच्छी तरह रेकी कर पूरी प्लानिंग के साथ दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार जीजा व उसके सभी साथी आरोपियों ने पीनना गांव आकर मकान की अच्छी तरह से रैकी कर पूरी प्लानिंग तैयार की। योजना के तहत आरोपी देहरादून से एक किराए पर कार लेकर गांव पीनना पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने किराए की कार पर फर्जी नम्बर प्लेट लगा रखी थी ताकि सीसीटीवी फुटेज से पुलिस कार का पता न लगा सके और उनकी पहचान नही हो सके। थाना प्रभारी ने बताया कि वारदात में शामिल रुपक उर्फ लाला व मोटा फरार है। आरोपियों ने जिस समय दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया, उस समय मकान मालिक रवि अपने बच्चों के साथ घर में अकेला था। उसे कब्जे में लेकर आरोपियों ने मकान में दबाए। जेवरात के बारे में जानकारी ली और जमीन खोदकर सोने चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए थे। पुलिस इसी बात से बदमाशों तक पहुंच पाई कि किन किन लोगों को जमीन में जेवरात दबाने की जानकारी रवि द्वारा दी गई थी। इसमें जैसे ही जीजा का नाम सामने आया, पुलिस की जांच उस ओर घूम गई और पूरा मामला खुलने के बाद डकैती की घटना का खुलासा हो गया। गिरफ्तार सभी सात आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
जब घटना हुई लूट थी, दर्ज हुई चोरी
इस मामले में कोतवाली पुलिस का भी अजब खेल रहा। जिस समय घटना को बदमाशों ने अंजाम दिया, उसके बाद दहशत में आए मकान स्वामी रवि ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी तो ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस शुरुआत में देरी से सूचना दिए जाने के कारण इस घटना को संदिग्ध बता रही थी, हालांकि सूचना लूट की दी गई थी, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद इस मामले को चोरी में दर्ज किया था। विवेचना के बाद मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस ने इसे डकैती का खुलासा बताते हुए डकैती की धाराओं में तरमीम कर दिया।